बाजार में नकदी संकट के चलते अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर को देख सरकार ने गुरुवार को नए उपायों का एलान किया। बाजार में नकदी की आपूर्ति बढ़ाने के लिए अभूतपूर्व अंदाज में कवायद शुरू की गई है। साथ ही, डिजिटल (कैशलेस) लेन-देन बढ़ाने के लिए नई प्रोत्साहन नीति अख्तियार की गई है। वित्त मंत्री अरुण जेटली, आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास और नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत नई घोषणाओं की पोटली लेकर विमुद्रीकरण के मुद्दे पर सरकारी राहत देने की कवायद में जुटे नजर आए। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार और रिजर्व बैंक की कोशिश है कि डिजिटल भुगतान की लागत घट जाए। अमिताभ कांत ने डिजीटल भुगतान के लिए उपभोक्ताओं और विक्रेताओं के लिए पुरस्कार की स्कीम चालू की। सरकार 340 करोड़ रुपए के पुरस्कार बांटेगी।

केंद्र सरकार ने गुरुवार को कहा कि विमुद्रीकरण के बाद आ रही दिक्कतों में अब कमी आ रही है। जहां जरूरत है, वहां अब विशेष विमानों से नकदी पहुंचाई जा रही है। शक्तिकांत दास ने कहा कि लोग दो हजार के नोटों में लेन-देन कम कर रहे हैं। इस कारण अब हमने पांच सौ रुपए के नोटों का उत्पादन बढ़ा दिया है। नोटों को पहुंचाने में गांवों पर फोकस ज्यादा है। पांच सौ रुपए के साथ ही एक सौ और 50 रुपए के नोटों का उत्पादन बढ़ाया जा रहा है। किसानों को बुआई के लिए कर्ज देने की प्रक्रिया चल रही है। दास ने कहा कि सौ, 50 और 10 रुपए के नोट पिछले हफ्ते में पहले के मुकाबले तीन गुना ज्यादा छापे गए हैं। नोटों की डिजाइन भारत में ही तैयार की गई है। 80 हजार करोड़ रुपए के 100 के नोट छापे गए हैं। अगले 10-15 दिनों में छापे जा रहे नोटों का आधा चलन में ला दिया जाएगा। अब तक दो लाख से ज्यादा एटीएम मशीनों में जरूरी बदलाव किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि एटीएम या बैंकों से रकम निकालने की सीमा में छूट तब दी जाएगी, जब 80 फीसद नए नोट छपकर बैंकों तक पहुंच जाएंगे। 30 दिसंबर तक 50 फीसद नोट बाजार में पहुंचा दिए जाएंगे।

नोटों की आपूर्ति बढ़ाने के साथ ही डिजिटल भुगतान को लेकर भी सरकार ने कमर कसी है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कैशलेस भुगतान की लागत कम करने की कोशिशों का वादा किया। उन्होंने अपने मंत्रालय से संबद्ध संसदीय सलाहकार समिति की पांचवीं बैठक में कहा कि डिजिटल लेन-देन समांतर एक सुविधा है। यह नकदी को प्रतिस्थापित करने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि कोई भी अर्थव्यवस्था पूरी तरह नकदी विहीन नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि इसके मद्देनजर साइबर सुरक्षा के प्रति भी सरकार सजग है। जेटली का यह बयान आने के साथ ही नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत ने डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहन के लिए क्रिसमस के दिन से पुरस्कार देने की घोषणा की।

यह पुरस्कार उपभोक्ताआें के साथ साथ दुकानदारों को भी दिए जाएंगे। पुरस्कार दैनिक, सप्ताहिक आधार पर दिए जाएंगे। साथ ही बड़ा नकद पुरस्कार भी दिया जाएगा। कुल 340 करोड़ रुपए के पुरस्कार दिए जाएंगे। अमिताभ कांत ने ‘लकी ग्राहक योजना’ और ‘डिजी धन व्यापार योजना’ की घोषणा करते हुए कहा कि इनके दायरे में 50 रुपए से लेकर तीन हजार रुपए तक के छोटे लेन-देन आएंगे। इसका पहला ड्रॉ 25 दिसंबर को होगा और ‘मेगा ड्रॉ’ 14 अप्रैल को आंबेडकर जयंती पर होगा। नेशनल पेमेंट कारपोरेशन आॅफ इंडिया (एनपीसीआइ) 25 दिसंबर से अगले 100 दिन तक 15,000 विजेताओं की घोषणा करेगा। प्रत्येक विजेता को 1,000 रुपए दिए जाएंगे। ग्राहकों और दुकानदारों के लिए सात हजार साप्ताहिक पुरस्कार होंगे। उपभोक्ताआें के लिए मेगा पुरस्कार एक करोड़ रुपए, 50 लाख और 25 लाख रुपए का होगा। कारोबारियों के लिए यह 50 लाख, 25 लाख और पांच लाख रुपए का होगा।