गोवा में बुधवार (10 अगस्त) को आम आदमी पार्टी (आप) के 80 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया है। ये लोग पणजी में सचिवालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे। जिस वक्त ये लोग प्रदर्शन कर रहे थे तब एसेंबली का सेशल चल रहा था। ये विरोध प्रदर्शन मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत परेशकर के साले दिलीप मलावांकर के विरोध में हो रहा था। दरअसल, दिलीप पर घूस लेने का आरोप है। इन लोगों की मांग थी कि यह मुद्दा एसेंबली में उठाया जाना चाहिए। आप की तरफ से यह भी आरोप लगाया गया था कि विधायक जानबूझकर इस मुद्दे को उठा नहीं रहे। दिलीप मलावांकर गोवा की इंडस्ट्रीयल डेवेलपमेंट कोर्पोरेशन में काम करता था। उसे घूस लेने के मामले में पिछले साल गिरफ्तार किया गया था। आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता रुपेश शिकरे ने पीटीआई से बातचीत में कहा, ‘किसी एक विधायक ने भी मलावांकर का मुद्दा नहीं उठाया। यह मुद्दा एसेंबली में जरूर उठना चाहिए। हमने विधायकों के इस मुद्दे को ना उठाने के खिलाफ ही प्रदर्शन किया था।’
शिकरे का आरोप है कि पुलिस ने विरोध कर रहे कुछ कार्यकर्ताओं के साथ मार-पीट भी की थी। वहीं इस विरोध प्रदर्शन के दौरान गोवा में कई जगह पर जाम लग गया था। इस जाम के चलते कुछ विधायक भी एसेंबली में लेट पहुंचे थे। इस वजह से पुलिस को बीच में आना पड़ा। पुलिस सभी कार्यकर्ताओं को लेकर पणजी के पुलिस स्टेशन आ गई थी।
आम आदमी पार्टी काफी वक्त से यह मुद्दा उठाती रही है। उनकी तरफ से 10,000 लोगों द्वारा साइन किया गया एक लेटर भी सीएम लक्ष्मीकांत परेशकर को भेजा गया था। इसपर लिखा था कि को दिलीप मलावांकर को फिर से कोई सरकारी काम नहीं दिया जाना चाहिए।
