सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने 30 जनवरी 2019 से आमरण अनशन शुरू करने की बात कही है। अन्ना ने कहा कि भ्रष्टाचार को रोकने वाला लोकपाल लोकायुक्त कानून तो बन गया । अब सिर्फ कानून पर अमल करना बाकी है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को सत्ता में आए करीब साढ़े चार साल हो गए हैं लेकिन अब तक इस कानून पर केन्द्र सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।

अन्ना ने 32 बार लिखा मोदी सरकार को पत्र: अन्ना हजारे ने कहा कि मोदी सरकार को सत्ता में आए करीब साढ़े चार साल हो गए हैं, लेकिन अभी तक इस कानून पर केन्द्र सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। इस मुद्दे पर मैंने मोदी सरकार को 32 बार पत्र लिखा लेकिन कोई जवाब नहीं आया। सरकार लगातार लोकपाल की अनदेखी कर रही है।

शुरू करेंगे भूख हड़ताल: अन्ना हजारे एक बार फिर महाराष्ट्र में लोकायुक्त कानून लागू करने की मांग को लेकर आंदोलन को शुरू करने वाले हैं। अन्ना ने 30 जनवरी को अपने गांव रालेगढ़ सिद्धी में भूख हड़ताल शुरू करने की बात कही। गौरतलब है कि इससे पहले अन्ना ने लोकपाल बिल और किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर पीएम मोदी की सरकार के खिलाफ होने वाले अपनी भूख हड़ताल को रद्द कर दिया था।

महाराष्ट्र सीएम को लिखा पत्र: गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले ही अन्ना हजारे ने महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस को भी एक पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने लिखा था कि महाराष्ट्र सरकार ने 2014 में लोकपाल और लोकायुक्त कानून को लागू करने का वादा किया था। लेकिन अभी तक ये नहीं हो पाया है।

 

अन्ना के आरोप: गौरतलब है कि अक्टूबर 2018 में अन्ना ने कहा था कि मोदी सरकार लोगों को धोखा दे रही है। उन्होंने एक रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा था कि भारत एशिया में भ्रष्ट देशों की लिस्ट में ऊपर है। अब मेरा पीएम मोदी के वादों से विश्वास उठ गया है, मैं उन्हें पत्र लिखता रहा और वादों की याद दिलाता रहा।