प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को बताया कि उन्होंने चिदंबरम को 3,500 करोड़ रुपये के एयरसेल-मैक्सिस मामले में दोबारा पूछताछ के लिए 12 जून को तलब किया है। चिदंबरम से मंगलवार को ईडी अधिकारियों ने पांच घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की और धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत उनके बयान दर्ज किए गए।
यह पूछताछ पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम के खिलाफ 2017 में दर्ज एयरसेल-मैक्सिस मामले में ईडी की जांच का हिस्सा थी। इससे पहले अदालत ने कार्ति चिदंबरम की गिरफ्तारी पर 10 जुलाई तक रोक लगा दी थी। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) इस बात की जांच कर रही है कि कैसे कार्ति चिदंबरम ने वर्ष 2006 में अपने पिता पी. चिदंबरम के वित्त मंत्री रहते हुए एयरसेल-मैक्सिस सौदे में कथित रूप से एफआईपीबी से मंजूरी दिलाई।

सीबीआई के मुताबिक, चिदंबरम पूर्वाह्न करीब 11 बजे सीबीआई मुख्यालय पहुंचे। सीबीआई की विशेष आर्थिक अपराध शाखा की टीम ने चिदंबरम से 2007 में हुए आईएएनएक्स मीडिया मामले में विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) से मंजूरी दिलाने में उनकी भूमिका के बारे में पूछताछ की। जांच एजेंसी के एक अधिकारी ने बताया कि टीम ने चिदंबरम से स्पष्टीकरण के लिए सवालों की एक फेहरिश्त तैयार की है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता के बयान को रिकॉर्ड किया जाएगा।

आईएनएक्स मीडिया मामले में एफआईपीबी से मंजूरी को लेकर सवाल पूछने के अलावा चिदंबरम से इंद्राणी मुखर्जी द्वारा लगाए गए आरोपों और इस मामले से संबंधित अन्य पहलुओं के बारे में भी पूछताछ की जाएगी। सीबीआई द्वारा की जा रही पूछताछ 2017 में चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम के खिलाफ एयरसेल-मैक्सिस मामले से संबंधित धनशोधन मामले में दर्ज केस का हिस्सा है।

पूर्व वित्त मंत्री से मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने 3,500 करोड़ के एयरसेल-मैक्सिस घोटाले के संबंध में पांच घंटे से ज्यादा समय तक पूछताछ की थी।