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रामायण की प्रसिद्ध और विवादित पात्रों में से एक शूर्पणखा को आमतौर पर उसके श्रीराम और लक्ष्मण से जुड़े प्रसंग के कारण जाना जाता है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि शूर्पणखा विवाहित थी और उसके पति की हत्या स्वयं उसके भाई रावण ने की थी। यह घटना रामायण की कथा में एक अहम मोड़ मानी जाती है। (Photo Source: Pixabay)
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शूर्पणखा कौन थी?
शूर्पणखा राक्षसराज रावण की बहन थी। उसके नाम का अर्थ है- ‘सूप जैसे नाखूनों वाली’। वाल्मीकि रामायण में उसे कामुक, उग्र और स्वेच्छाचारी स्वभाव की स्त्री के रूप में वर्णित किया गया है। अलग-अलग भाषाओं और संस्कृतियों में उसका नाम अलग रूपों में मिलता है- तमिल में सूर्पनगै, मलय भाषा में सुरपन्दकी, इंडोनेशियाई में सर्पकनक, ख्मेर में शूर्पनखर और थाई में सम्मानखा। (Photo Source: ChatGPT/AI) -
शूर्पणखा का पति
शूर्पणखा ने कालकेय दानव वंश के राजकुमार विद्युतजिह्वा से गुप्त विवाह किया था। विद्युतजिह्वा एक शक्तिशाली दानव था, जो मायावी विद्या और युद्ध कौशल में निपुण माना जाता था। दानव (दानव कुल) और राक्षस (रावण का कुल) एक-दूसरे के शत्रु थे। ऐसे में शूर्पणखा का दानव राजकुमार से विवाह करना रावण को स्वीकार नहीं था। (Photo Source: Pexels) -
रावण ने क्यों की विद्युतजिह्वा की हत्या?
जब रावण को शूर्पणखा के इस गुप्त विवाह का पता चला, तो वह अत्यंत क्रोधित हो गया। उसने इसे न केवल पारिवारिक अपमान माना, बल्कि अपने कुल के विरुद्ध षड्यंत्र भी समझा। क्रोधित रावण ने विद्युतजिह्वा के विरुद्ध युद्ध छेड़ दिया और उसे मार डाला। (Photo Source: Pixabay) -
कुछ कथाओं में यह भी कहा गया है कि रावण शूर्पणखा को भी मार डालना चाहता था, लेकिन उसकी पत्नी मंदोदरी के अनुरोध और भाइयों कुंभकर्ण व विभीषण के हस्तक्षेप से शूर्पणखा का जीवन बच गया। (Photo Source: Express Archive)
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विधवा शूर्पणखा का जीवन
पति की मृत्यु के बाद शूर्पणखा का जीवन पूरी तरह बदल गया। पति की हत्या के बाद शूर्पणखा गहरे शोक और अपमान से भर गई। मंदोदरी ने उसे नया जीवन शुरू करने की सलाह दी। रावण के आदेश पर वह लंका और दक्षिण भारत के जंगलों के बीच विचरण करने लगी और अपने असुर संबंधियों, खर और दूषण के साथ रहने लगी। (Photo Source: Pixabay) -
रामायण की कथा में निर्णायक भूमिका
वाल्मीकि रामायण के अनुसार, इसी भटकन के दौरान दंडकारण्य वन में पंचवटी नामक स्थान पर शूर्पणखा की भेंट श्रीराम और लक्ष्मण से हुई। उसने दोनों से विवाह का प्रस्ताव रखा, जिसे अस्वीकार कर दिया गया। क्रोध और अपमान में आकर उसने माता सीता पर आक्रमण करने का प्रयास किया, जिसके परिणामस्वरूप लक्ष्मण ने उसकी नाक और कान काट दिए। (Photo Source: Pixabay) -
अपमान और क्रोध से भरी शूर्पणखा लंका पहुंची और रावण को पूरी घटना बताई। रावण ने इस अपमान का बदला लेने की प्रतिज्ञा की। यही प्रतिज्ञा सीता हरण, राम-रावण युद्ध और अंत में रावण वध का कारण बना। इस प्रकार, कहा जा सकता है कि विद्युतजिह्वा की हत्या रामायण के सबसे बड़े युद्ध की पहली चिंगारी थी। (Photo Source: Pixabay)
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