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ममता बनर्जी और उनकी पार्टी के सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा नागरिकता संशोधन विधेयक में बदलाव को लेकर सरकार का लगातार विरोध कर रहे हैं। लेकिन इस बार टीएमसी के सांसदों ने सरकार के खिलाफ विरोध करने का एक अलग ही तरीका अपनाया है। मंगलवार को टीएमसी सांसदों ने काले कपड़े पहनकर सरकार के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन किया। सांसदों ने यह प्रदर्शन संसद भवन के बाहर किया। इस दौरान एक TMC सांसद ने मोदी का मुखौटा पहन और हाथ में डंडा लेकर प्रदर्शन किया। पार्टी के बाकी लोग काले कपड़ों में दिख रहे हैं। आपको बता दें कि हाल ही में मोदी सरकार ने नागरिकता के लिए रहने की अवधि को 11 साल से कम कर 6 साल करने का प्रस्ताव रखा है। सरकार ने अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के हिंदुओं, सिखों, बौद्धों, जैन, पारसियों और ईसाइयों को बिना वैध दस्तावेज के भारतीय नागरिकता देने का प्रस्ताव रखा है। (All Pics- ANI)
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विधेयक में बदलाव को लेकर सरकार के इस फैसले का टीएमसी सांसदों के अलावा दूसरी विपक्षी पार्टियों के अलावा बीजेपी की सहयोगी शिवसेना भी विरोध में शामिल है। असम में बीजेपी सरकार से समर्थन वापस लेने वाली असम गण परिषद भी इस विधेयक के फैसले के विरोध में उतरी है।
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तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी ने संवाददाताओं से कहा कि उनकी पार्टी सरकार के फैसले का विरोध करती है। क्योंकि इस फैसले के कारण करीब 30 लाख लोग प्रभावित होंगे। ऐसे में सरकार का यह फैसला लोगों के बुनियादी अधिकारों का हनन जैसा है।
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विरोध करने वाली पार्टियों का कहना है कि नागरिकता संशोधन के लिए धार्मिक पहचान को आधार बनाना संविधान के आर्टिकल 14 की मूल भावना के खिलाफ है। आर्टिकल 14 समानता के अधिकार की व्याख्या करता है।
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टीएमसी का कहना है कि इस संसोधन ने असम में मूल नागरिकों अधिकार और पहचान का संकट खड़ा हो जाएगा।
टीएमसी के अलावा ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक फ्रंट के प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने भी सरकार के फैसले के विरोध में संसद के बाहर पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया।