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बचपन में आपने भी कभी न कभी किसी दोस्त से उंगली जोड़कर ‘पक्का वादा’ किया होगा। इसे हम पिंकी प्रॉमिस या पिंकी स्वेयर कहते हैं। देखने में यह मासूम सा खेल लगता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस छोटे से इशारे के पीछे एक डरावनी और गहरी सांस्कृतिक कहानी छुपी हुई है? (Photo Source: Pexels)
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जापान से जुड़ा है पिंकी प्रॉमिस का गहरा इतिहास
पिंकी प्रॉमिस की जड़ें जापान की परंपरा ‘युबिकिरी गेंमान’ (Yubikiri Genman) में मिलती हैं। जापानी भाषा में युबिकिरी का मतलब होता है ‘उंगली काटना’। यह परंपरा एदो काल (Edo Period) (1600–1803) से जुड़ी मानी जाती है। (Photo Source: Pexels) -
इतिहास के अनुसार, उस दौर में कुछ उच्च श्रेणी की तवायफें अपने प्रेमी के प्रति आजीवन समर्पण दिखाने और अपने प्रेम की सच्चाई साबित करने के लिए अपनी छोटी उंगली काट देने तक को तैयार हो जाती थीं। यही कारण है कि युबिकिरी केवल एक वादा नहीं, बल्कि भरोसे और निष्ठा का बेहद गंभीर प्रतीक माना जाता था। (Photo Source: Pexels)
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बच्चों की तुकबंदी, लेकिन अर्थ बेहद कठोर
जापान में आज भी बच्चे पिंकी प्रॉमिस करते समय एक तुकबंदी बोलते हैं- “Yubikiri genman, uso tsuitara hari senbon nomasu”। मतलब, “अगर मैंने झूठ बोला तो मुझे हजार सुइयां निगलनी होंगी और मेरी उंगली काट दी जाएगी।” आज यह सिर्फ एक खेल या मजाक की तरह लिया जाता है, लेकिन इसके शब्द बताते हैं कि वादा तोड़ना कितना गंभीर अपराध माना जाता था। (Photo Source: Pexels) -
दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में पिंकी प्रॉमिस
समय के साथ यह परंपरा जापान से बाहर भी फैली और अलग-अलग संस्कृतियों में नए रूप लेती गई। उत्तर अमेरिका में यह बच्चों और करीबी दोस्तों के बीच लोकप्रिय है। 1860 में इसका जिक्र Dictionary of Americanisms में भी मिलता है। (Photo Source: Pexels) -
दक्षिण कोरिया में पिंकी फंसाने के बाद अंगूठों को छुआ जाता है, जिसे ‘सील’ माना जाता है। वहीं, ताइवान में पिंकी प्रॉमिस के बाद मुहर लगाने (स्टैम्पिंग) की परंपरा है। (Photo Source: Pexels)
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उत्तरी आयरलैंड (बेलफास्ट) में इसे ‘पिगी प्रॉमिस’ कहा जाता है। इटली में इसी तरह की शपथ को ‘Giurin Giurello’ कहा जाता है। रूस में बच्चे झगड़े के बाद पिंकी फंसाकर सुलह करते हैं, ताकि दोस्ती बनी रहे। (Photo Source: Pexels)
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भारत में भी मिलता है इसका रूप
भारत में भी वादों को पक्का करने के लिए उंगली से जुड़ी परंपराएं रही हैं। महाराष्ट्र में इसे मराठी भाषा में ‘गट्टी फू’ कहा जाता है, जो भरोसे और सच्चाई का प्रतीक है। (Photo Source: Pexels) -
आज का मतलब, कल की सीख
आज पिंकी प्रॉमिस सिर्फ एक हल्का-फुल्का इशारा है- सीक्रेट रखने या दोस्ती निभाने का। लेकिन इसका इतिहास हमें यह याद दिलाता है कि कभी वादा निभाना सम्मान और ईमानदारी से जुड़ा हुआ गंभीर विषय था। यह छोटी-सी उंगली से किया गया वादा सिखाता है कि शब्द चाहे छोटे हों, लेकिन उनका महत्व कभी छोटा नहीं होता। (Photo Source: Pexels)