-

ओडिशा में बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान ‘फानी’ के पूर्वी तट की ओर मुड़ने के कारण तटीय इलाकों के निचले क्षेत्रों से आठ लाख लोगों को निकालने के लिए बुधवार को एक व्यापक अभियान शुरू किया गया। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के एक हालिया बुलेटिन के मुताबिक, ओडिशा में पुरी से करीब 430 किलोमीटर दूर दक्षिण-दक्षिण पश्चिम, पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी, आंध्र प्रदेश में विशाखापट्टनम से 225 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व और पश्चिम बंगाल के दीघा में 650 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण पश्चिम में फोनी चक्रवात केन्द्रित है। विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) बीपी सेठी ने बताया कि इसके उत्तर-उत्तरपूर्व की ओर मुड़ने और पुरी के निकट ओडिशा तट को तीन मई की शाम अधिकतम 170-180 किलोमीटर प्रतिघंटे हवा की रफ्तार से पार करने की संभावना है। उन्होंने बताया कि इसकी रफ्तार 200 किलोमीटर प्रतिघंटे तक जा सकती है। (All Pics- Agency/ANI)
एसआरसी ने बताया कि चेन्नई, विशाखापट्टनम और मछलीपट्टनम में स्थित डॉप्लर मौसम रडार के जरिए चक्रवात का पता लगाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि तटीय जिलों के निचले और चपेट में आने वाले क्षेत्रों के लोगों को 880 चक्रवात केंद्रों, स्कूल और कॉलेज की इमारतें और अन्य ठिकानों जैसे सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है। -
बता दें कि आठ लाख लोगों को निकालने का काम देश में अब तक का सबसे बड़ा खाली कराने वाला अभियान है। ओडिशा के कम से कम 14 जिले – पुरी, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, बालासोर, भद्रक, गंजम, खुर्दा, जाजपुर, नयागढ़, कटक, गजपति, मयूरभंज, ढेंकानाल और क्योंझर के चक्रवात की चपेट में आने की संभावना है।
-
ओडिशा के अलावा आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में चक्रवात का प्रभाव पड़ने की संभावना है। बता दें कि इससे पहले ऐसा तूफान साल 2008 में बंगाल की खाड़ी से उठा था। इस तूफान ने म्यांमार में करीब 1.25 लाख लोगों की जान ले ली थी। हालांकि की लोगों के मरने का कारण सूचना का आभाव और अपदा प्रबंधन का ना होना था।
-
तूफान फानी के चलते अब तक 103 ट्रेनें रद्द कर दी गई है। ट्रेनों के रद्द होने से ओडिशा , आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल के 19 जिलों पर खासा असर पड़ेगा।
-
इस समय तूफान के इलाकों में गर्भवती महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग व्यक्ति और शारीरिक रूप से अक्षम लोगों पर विशेष रूप से ध्यान देने की जरूरत है। एसआरसी ने बताया कि खाली कराए लोगों को खाना देने के लिए निशुल्क रसोई की व्यवस्थाएं की गई हैं।
एक अधिकारी ने बताया कि किसी भी संभावित घटना से निपटने के लिए नौसेना, वायुसेना, सेना और तटरक्षक बल को हाई अलर्ट पर रखा गया है। फानी तूफान को ध्यान में रखते हुए मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए मछुआरों को एक से पांच मई तक मछली पकड़ने के लिए तटों पर नहीं जाने की चेतावनी दी है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), ओडिशा आपदा रैपिड एक्शन फोर्स (ओडीआएएएफ) और दमकल जवानों को प्रशासन की मदद के लिए संवेदनशीन क्षेत्रों में भेजा गया है।