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इन दिनों ईरान चर्चा में है। ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं। दोनों तरफ से जवाबी कार्रवाई हो रही है। अगर बात करें ईरान की तो वहां शरिया कानून लागू है। लेकिन 70 के दशक में ईरान ऐसा नहीं था। तब कोई भी कुछ भी पहन सकता था, अपनी मर्जी का कर सकता था। आज तो वहां के लोगों को कई तरह की पाबंदियों का सामना करना पड़ता है। महिलाओं को हिजाब में रहना जरूरी है। जो वहां के शरिया कानून को तोड़ता है उसे सख्त सजा दी जाती है। 70 के दशक में ईरान में इतनी आधुनिकता थी, जितनी आज के पश्चिमी देशों में दिखाई पड़ती है। तस्वीरों में देखें उस ईरान को जो इस्लामिक देश बनने से पहले था। (All Photos: Social Media)
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इस्लामिक स्टेट बनने से पहले ईरान में पश्चिम की तरह खुलापन था और आजादी थी।
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लोग अपनी आजादी और खुलेपन का आनंद भरपूर लेते थे।
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खाने और पहनने को लेकर किसी तरह की पाबंदी नहीं थी। कला, संगीत, फिल्म और साहित्य को लेकर काफी जागरूक थे।
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उस समय तो युवतियां मॉडलिंग भी करती थीं। लेकिन आज के ईरान में मॉडलिंग की सजा कैद है।
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70's में ईरान में मशहूर पॉप गायिका गूगूश हुआ करती थीं। वह अपने वेस्टर्न अंदाज की गायकी के लिए काफी लोकप्रिय थीं। उनके टेप और एल्बम आज भी उन लोगों के पास मिल जाएंगे जो ईरान छो़ड़कर किसी और देश में जा बसे हैं।
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1979 की इस्लामिक क्रांति से पहले महिलाओं को इतनी आजादी थी कि वे अपने मन के काम कर सकती थीं।
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1979 में ईरान के शाह मोहम्मद रेजा पहलवी को सत्ता से हटा दिया गया। शाह मोहम्मद को सत्ता ही नहीं देश भी छोड़ने पड़ा।
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इस तख्तापलट के बाद अयातुल्लाह खमैनी ने ईरान की कमान संभाल ली। इसके साथ ही ईरान में इस्मालिक राज्य की स्थापना हुई और शरिया कानून लागू कर दिया गया।
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80 के दशक में जब शरीया कानून ईरान में लागू हुआ तबसे नियम-कायदे बहुत ज्यादा सख्त हो गए हैं। इनका पालन नहीं करने वालों बेहद कड़ी सजा मिलती है।