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RPSC Lecturer Admit Card 2016: राजस्थान लोक सेवा आयोग ने School lecturer Exam 2015 के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। आरपीएससी ने साल 2015 में स्कूल व्याख्याता पदों के लिए आवेदन मांगे थे। इसके लिए हजारों उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। इसके बाद से उम्मीदवार एग्जाम के लिए एडमिट कार्ड का इंतजार कर रहे थे। अब उनका इंतजार खत्म हो गया है। कमीशन ने अपनी ऑफिशियल वेबसाइट http://www.rpsc.rajasthan.gov.in पर जारी किए हैं।
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RPSC Lecturer Admit Card 2016: आयोग इसके लिए 17 जुलाई से एग्जाम शुरू करने जा रहा है। आयोग के मुताबिक 17 जुलाई को सुबह 11 से 12.30 बजे तक पहले सेशन में सामाजिक अध्ययन एवं सामान्य ज्ञान विषय की परीक्षा होगी। इसके बाद 20 से 26 जुलाई तक विषयों के मुताबिक एग्जाम होंगे। ये एग्जाम दो पारियों में होंगे। सुबह की पारी सुबह 9 बजे से 12 बजे तक और दूसरी पारी दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक होगी।
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RPSC Lecturer Admit Card 2016: ऐसे डाउनलोड करें एडमिट कार्ड- सबसे पहले राजस्थान लोक सेवा आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट http://www.rpsc.rajasthan.gov.in पर जाएं। वहां दिए गए न्यूज सेक्शन में जाएं। वहां दिए गए ‘RPSC School Lecturer Admit Card’ पर लिंक करें। नया पेज खुलने पर वहां मांगी गई जानकारी डालें। इसके बाद आपका एडमिट कार्ड आपके सामने स्क्रीन पर होगा। एडमिट कार्ड को डाउनलोड करके प्रिंट कर लें।
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RPSC Lecturer Admit Card 2016: उम्मीदवारों को परीक्षा केन्द्र पर एक पासपोर्ट साइज फोटो एवं मूल फोटो पहचान पत्र के साथ लेकर पहुंचना होगा। सभी अभ्यर्थियों को अनिवार्य एवं ऐच्छिक विषय के लिए प्रवेश पत्र की अलग-अलग प्रतियां और उपस्थिति पत्र डाउनलोड करना होगा। एडमिट कार्ड के बिना उम्मीदवारों को एग्जाम हॉल में एंट्री नहीं दी जाएगी।
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RPSC Lecturer Admit Card 2016: एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के बाद उसमें दी गई जानकारी जांच लें। कई बार एडमिट कार्ड में जानकारी गलत पब्लिश हो जाती है।
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RPSC Lecturer Admit Card 2016: राजस्थान लोक सेवा आयोग समय-समय पर राजस्थान के अलग-अलग विभागों के लिए भर्ती आयोजित करता रहता है।
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RPSC Lecturer Admit Card 2016: राजस्थान लोक सेवा आयोग की स्थापना 16 अगस्त, 1949 को एक अध्यादेश के तहत की गई थी। राजस्थान लोक सेवा आयोग की कार्य प्रणाली राजस्थान लोक सेवा आयोग नियम एवं शर्ते, 1963 एवं राजस्थान लोक सेवा आयोग (शर्ते एवं प्रक्रिया का मान्यकरण अध्यादेश 1975 एवं नियम 1976) के द्वारा तय की जाती है।