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राजधानी दिल्ली के राजपथ पर इन दिनों गणतंत्र दिवस की तैयारियां जोरों पर हैं। गणतंत्र दिवस को लेकर राजपथ पर सेना के जवान खास दिन पर परफोर्मेंस को बेहतर करने के लिए इन दिनों पूरे जोश के साथ रिहर्सल करते दिख रहे हैं। जी हां, इन दिनों अर राजपथ पर तीनों सेना के जवानों की ताकत को बखूबी बेहद नजदीक से देख सकते हैं। इस बार सेना के जवान 70वां गणतंत्र दिवस मनाएंगे। अगर आप इन दिनों राजपथ मार्ग से होकर गुजर रहे हैं तो आपको देश की वो ताकत नजर आएगी जो हमारी सुरक्षा के लिए हर वक्त खड़ी रहती है। जहां पर भारतीय सेना के वीर जवान आवाज दे रहे हैं..''हम हैं, हर चुनौती के लिए हमेशा तैयार। हम रहेंगे, हमेशा विजयी। विजय ही हमारा ध्येय, विजय ही हमारी परंपरा है''। जहां दुश्मन को ललकारते हुए सेना कह रही है ''धनुष उठा प्रहार कर, तू सबसे पहला वार कर। सिंह सी दहाड़ कर, शंख सी पुकार कर। तू सबसे पहला वार कर।'' राजपथ की जमीं पर इन दिनों आप ऐसे नारों को सुनकर सेना का जज्बा देख सकते हैं। यहां सेना की पंजाब, ऐसा नजारा आप सिर्फ गणतंत्र दिवस के मौके ही देख सकते हैं। (Pics- Express)
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राजपथ पर इस बार सबसे सुसज्जित आर्मी दस्ता सिख रेजीमेंट का नजर आ रहा है। सिर पर पगड़ी, कमर में ब्लैक बेल्ट शेर की तरह धहाड़ते हुए सिख रेजीमेंट के जवान सदर बाजार के करिअप्पा ग्राउंड में अपना जोश दिखाने के बाद राजपथ पर भी उसी जुनून के साथ नजर आ रहे हैं।
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निश्चय कर अपनी जीत कर, जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल बोलते सिख रेजीमेंट का नारा है। अपने जोशीले प्रदर्शन के लिए सिख रेजीमेंट 2005 और 2015 में गणतंत्र दिवस की विनर ट्रॉफी जीत चुकी है। 2001 और 2010 में हुई परेड की रनरअप रह चुकी है।
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आपको बता दें कि यह वही सिख रेजीमेंट है जिसने कारगिल की जंग में टाइगर हिल को पाकिस्तान के कब्जे से छुड़ाने के लिए योगदान दिया था। वहां के दुश्मनों को द्रास से हटाया था। इस रेजीमेंट के हिस्से 1652 गैलेंट्री अवॉर्ड्स प्राप्त है।
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पद्म विभूषण, पद्म भूषण जैसे तमाम अवॉर्ड्स से सम्मानित सिख रेजीमेंट 1986 में स्थापित की गई थी। इस रेजीमेंट का सिंबल शेर है।
सिख के बाद पंजाब रेजीमेंट के जवान भी अपने तरह-तरह के करतब दिखाते नजर आ रहे हैं। पंजाब का यह दस्ता इंडियन आर्मी की सबसे पुरानी रेजीमेंट्स में से एक है। इसकी स्थापना ब्रिटिश इंडियन आर्मी के तहत साल1947 में हुई थी और इसे ब्रिटिश आर्मी की दूसरी पंजाब रेजीमेंट के तहत तैयार किया गया था। इस रेजीमेंट ने तब से कई तरह के युद्धों में हिस्सा लिया और हमेशा विजयी रही। -
हॉकी के जादूकर कहे जाने वाले मेजर ध्यानचंद इसी पंजाब रेजीमेंट का हिस्सा रहे थे।
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राजपथ पर सिख, पंजाब के अलावा गोरखा राइफल्स, गढ़वाल राइफल्स, ब्रिगेड ऑफ गार्ड्स, मद्रास रेजीमेंट, ग्रेनेडियर्स रेजीमेंट, मराठा लाइव इंफ्रेंट्री, जाट रेजीमेंट, डोगरा रेजीमेंट, कुमाऊ रेजीमेंट के जवान भी अपनी ताकत का प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि इस बार की परेड में कौन सी रेजीमेंट विनर होगी, इसका पता 26 जनवरी के दिन चलेगा।