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गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को जम्मू कश्मीर पहुंचकर पुलवामा में घटनास्थल का जायजा लिया। यहां आकर सिंह हमले में शहीद हुए जवानों के शवों को कंधा देकर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। इस आतंकी हमले में सीआरपीएफ के कम से कम 40 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए हैं। इस दौरान राजनाथ सिंह के अलावा गृह मंत्रालय के तमाम सीनियर अधिकारी भी पहुंचे। शहीद हुए जवानों को दिल्ली के पालम एयरपोर्ट लाया जा रहा है। यहां पर पीएम नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण सहित सेना के सीनियर अफसर भी शहीदों को श्रद्धांजलि देंगे। इसके बाद सभी जवानों को उनके घर भेजा जाएगा। जवानों की जान जाने से देश भर के लोगों के बीच आक्रोश का माहौल व्याप्त है। मोदी ने कहा, हम जवानों की कुर्बानी बर्बाद नहीं होने देंगे और आतंकियों का खात्मा कर जरूर बदला लेंगे। वहीं दूसरी ओर देश में तमाम जगह पाकिस्तानी झंडों को जलाकर अपना गुस्सा जाहिर करते दिख रहे हैं लेकिन अफसोस जिन परिवारों से उनके सपूत शहीद हुए हैं वो कभी वापस नहीं आएंगे। शहादत के नाम पर शहीद हुए जवानों ने धरती मां का कर्ज तो चुका दिया लेकिन इनके अपने परिवारों की खुशी उजड़ गई। इन जवानों के लिए जहन में ये अल्फाज याद आते हैं, ''किसी गजरी खुशबू को महकता छोड़ आया हूं..अपनी नन्हीं सी चिड़िया चहंकता छोड़ आया हूं, मुझे छाती से अपनी तू लगा लेना ए भारत मां, मैं अपनी मां की बाहों को तरसता छोड़ आया हूं।'' जवानों के जोश और उनके परिजनों का शोक देख आपकी आंखें भी नम हो जाएंगी। (All Pics- rajnath singh twitter)
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जवानों के शहीद होने के बाद मोदी ने भी आज CCS की बैठक के बाद एक सभा में कहा कि सुरक्षाबलों को ऐक्शन लेने की पूरी छूट दे दी गई है। उन्होंने कहा कि हमले में शामिल होने वाले लोगों को बक्शा नहीं जाएगा। वहीं दूसरी ओर श्रीनगर में राजनाथ सिंह ने उच्च स्तरीय बैठक की जिसमें प्रदेश के राज्यपाल सत्यपाल मलिक सहित पुलिस, सुरक्षा एवं अन्य क्षेत्रों के अधिकारी भी शामिल हुए।
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जैसे ही राजनाथ सिंह और सेना के लोगों ने जवानों के शवों को कंधों पर लिया तो वीरों के लिए अमर रहे के नारे गूंजने लगे।
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पुलवामा में बृहस्पतिवार को जैश-ए-मोहम्मद के एक आतंकवादी ने विस्फोटकों से लदे वाहन से सीआरपीएफ जवानों की बस को टक्कर मार दी, जिसमें कम से कम 40 जवान शहीद हो गए जबकि कई गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
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जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से दूसरे राज्यों में रह रहे कश्मीरी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये राज्य सरकारों को निर्देश देने की शुक्रवार को अपील की। उमर ने कहा कि इस तनावपूर्ण माहौल में दूसरे राज्यों मे रह रहे कश्मीरी लोगों को आसानी से निशाना बनाया जा सकता है।
जवानों के शहीद होने के बाद उमर ने ट्वीट किया, "गृह मंत्री राजनाथ सिंह जी से मेरी अपील है कि कृपया सभी राज्य सरकारों को ऐसे इलाकों, कॉलेजों, संस्थानों में सुरक्षा के विशेष इंतजाम करने का निर्देश दें, जहां कश्मीरी लोग रह रहे हैं या पढ़ाई कर रहे हैं। इस तनावपूर्ण माहौल में उनको आसानी से निशाना बनाया जा सकता है।" उन्होंने लोगों से आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने और शांति बनाए रखने की भी अपील की। अब्दुल्ला ने कहा, "जम्मू में कल (बृहस्पतिवार) को कश्मीरियों या मुसलमानों ने नहीं बल्कि आतंकवादी ने हमारे सीआरपीएफ के जवानों पर हमला किया। यह सिंसा कुछ लोगों द्वारा किसी और को दोषी ठहराने का आसान जरिया है।''