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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंगलवार (19 मार्च) राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में सशस्त्र बलों के सैन्य कर्मियों को अद्भुत वीरता, साहस और कार्य के प्रति समर्पण भाव प्रदर्शित करने के लिए 2 कीर्ति चक्र और 17 शौर्य चक्र पुरस्कार प्रदान किए। इनमें से दो कीर्ति चक्र एवं 2 शौर्य चक्र चार सैन्य कर्मियों को मरणोपरांत प्रदान किए गए हैं। राष्ट्रपति ने सैन्य बलों के वरिष्ठ अधिकारियों को उनकी अति विशिष्ट सेवाओं के लिए 13 परम विशिष्ट सेवा मेडल, 2 उत्तम युद्ध सेवा मेडल और 26 अति विशिष्ट सेवा मेडल पुरस्कार भी दिए। राष्ट्रपति भवन में आयोजित वीरता पुरस्कार के सम्मान समारोह के दौरान जम्मू-कश्मीर के रहने वाले 14 साल के इरफान रमजान शेख भी नजर आए। उन्हें भी राष्ट्रपति ने शौर्य चक्र से सम्मानित किया। जानकारी के लिए आपको बता दें कि ये वही इरफान हैं जिन्होंने 2017 में आतंकियों के हमले को नाकाम कर दिया था। अक्टूबर 2017 में इरफान के घर को आतंकियों ने चारों ओर से घेर लिया था और जैसे ही उन्होंने दरवाजा खोला तो देखा कि बरामदे में एके राइफल, ग्रेनेड के साथ तीन आतंकी खड़े हैं। इस दौरान इरफान ने अपनी सूज-बूझ से उन आतंकियों को घर में घुसने नहीं लिया और अपने परिवार को बचाया। इस बीच इरफान और उनके पिता पर आतंकियों ने गोलियां भी बरसाईं। वह बुरी तरह से घायल हो गए थे लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और आतंकियों से भिड़ गए। बता दें कि इरफान के पिता रमजान एक राजनीतिक कार्यकर्ता हैं। इरफान के अलावा इन वीरों को भी सम्मान मिला। (All Pics- President of indian twitter)
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जम्मू-कश्मीर में आतंकियों को खदेड़ने वाले राष्ट्रीय राइफल्स की 34 बटालियन के मेजर पवन कुमार शौर्य चक्र से सम्मानित किए गए।
पहली बटालियन के कैप्टन अभय शर्मा को शौर्य चक्र का सम्मान मिला। घाटी में उन्होंने अपनी वीरता से आतंकियों के छक्के छुड़ा दिए थे। -
स्पेशल फोर्स के जवान हवलदार जावेद अहमद भट्ट को शौर्य चक्र का सम्मान मिला।
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राष्ट्रीय राइफल्स की 42 बटालियन के शहीद अजय कुमार को मरणोपरांत शौर्य चक्र मिला। यह सम्मान उनकी मां ने लिया।
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असम राइफल्स की 4 बटालियन के शहीद राइफलमेन जयप्रकाश को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से नवाजा गया। यह सम्मान उनकी पत्नी ने प्राप्त किया।
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राष्ट्रपति ने भारतीय सेना के शहीद सिपाही विजय कुमार को जम्मू एवं कश्मीर में आतंकवाद-विरोधी ऑपरेशनों में बहादुरी दिखाने के लिए (मरणोपरांत) कीर्ति चक्र से सम्मानित किया। यह पुरस्कार शहीद की पत्नी ने ग्रहण किया। राष्ट्रपति भवन में यह मेडल देते वक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद रहे।
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6 बटालियन के लेफ्टिनेंट कर्नल अरुण शर्मा को शौर्य चक्र से नवाजा गया। उनके नेतृत्व में आतंकियों के खिलाफ हुई स्ट्राइक में कामयाबी मिली थी।
स्पेशल फोर्स के लेफ्टिनेंट कर्नल विक्रांत प्रशेर को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। उन्होंने जम्मू- कश्मीर में हुई सर्जिकल स्ट्राइक में अहम योगदान दिया था। -
स्पेशल फोर्स के जवान मेजर रोहित लिंगवाल को शौर्य चक्र का सम्मान मिला।
पहली बटालियन के नायब सूबेदार अनिल कुमार दहिया को शौर्य चक्र का सम्मान मिला। यह सम्मान उन्हें जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ सफल ऑपरेशन को लेकर मिला है। -
180 बटालियन के सीआरपीएफ के असिसटेंट कमांडडेंट जिला सिंह शौर्य चक्र से सम्मानित किए गए। उन्होंने कश्मीर में आतंकियों के बड़े हमले में 10 लोगों की जान बचाई थी। अपनी जान की परवाह किए बगैर वह आतंकियों से लड़ते रहे।