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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 30 जनवरी को महात्मा गांधी की 71वीं पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके द्वारा दिखाये गए मार्ग एवं उनके मूल्यों पर चलने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने कहा, ‘‘ बापू को उनकी पुण्यतिथि पर स्मरण कर रहा हूं । हम उनके द्वारा दिखाये गए मार्ग एवं उनके मूल्यों पर चलने की प्रतिबद्धता व्यक्त करते हैं। मोदी ने कहा कि हम उन तमाम शहीदों को नमन करते हैं जिन्होंने देश के लिये कुर्बानी दी। यह देश उनकी सेवा और बलिदान के प्रति सदा आभारी रहेगा। इसके बाद मोदी नवसारी जिले के दांडी गए। उन्होंने कहा, "जब महात्मा गांधी ने (1930 में) दांडी मार्च निकालने का फैसला किया तो कुछ लोगों ने उस पर आपत्ति की क्योंकि उन्हें (आंदोलन की सफलता को लेकर) संदेह था। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन गांधी, गांधी थे…गांधी ने अपनी योजनाएं जारी रखी क्योंकि वह नमक की ताकत को जानते थे और समाज के हर वर्ग के साथ इसके जुड़ाव को समझते थे। (All Pics- PTI)
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इस स्मारक में महात्मा गांधी और ऐतिहासिक दांडी नमक यात्रा के 80 सत्याग्रहियों की मूर्तियां हैं। दांडी नमक यात्रा को दांडी मार्च भी कहा जाता है।

स्मारक में 24 चित्र भी हैं जो ऐतिहासिक दांडी मार्च की विभिन्न घटनाओं और कहानियों को चित्रित करती हैं। -
आपको बता दें अंग्रेजों के नमक कानून का विरोध करते हुए महात्मा गांधी ने अहमदाबाद में साबरमती आश्रम से तटीय गांव दांडी तक पदयात्रा की थी और समुद्र के पानी से नमक बनाया था। महात्मा गांधी और उनके 80 सहयोगियों ने अंग्रेजों के खिलाफ सविनय अवज्ञा आंदोलन के तहत दांडी मार्च किया था।

मोदी ने कहा, "जब महात्मा गांधी ने (1930 में) दांडी मार्च निकालने का फैसला किया तो कुछ लोगों ने उस पर आपत्ति की क्योंकि उन्हें (आंदोलन की सफलता को लेकर) संदेह था। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन गांधी, गांधी थे…गांधी ने अपनी योजनाएं जारी रखी क्योंकि वह नमक की ताकत को जानते थे और समाज के हर वर्ग के साथ इसके जुड़ाव को समझते थे। -
स्मारक उद्याटन समारोह में आमंत्रित लोगों के साथ पीएम मोदी गर्मजोशी से मिले।
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दांडी के लोगों ने मोदी का इस स्मारक बनवाने के लिए शुक्रिया अदा किया।