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दुनिया में कई ऐसी समस्याएं हैं जिन्हें अक्सर ‘असंभव’ मान लिया जाता है, जैसे होमलेसनेस खत्म करना, प्रदूषण पर काबू पाना, सस्ती और साफ ऊर्जा उपलब्ध कराना या सरकारी कामकाज को भ्रष्टाचार-मुक्त और तेज बनाना। लेकिन कुछ देशों ने यह साबित कर दिया कि अगर नीतियां स्पष्ट हों, लंबी अवधि की योजना हो और जनता का सहयोग मिले, तो असंभव भी मुमकिन बन सकता है। रवांडा से लेकर फिनलैंड, कोस्टा रिका से लेकर नॉर्वे और यूएई तक, ये उदाहरण दिखाते हैं कि केवल धन ही नहीं, बल्कि सही सोच और सख्त अमल किसी देश की किस्मत बदल सकता है। चलिए जानते हैं इन देशों ने असंभव को कैसे किया संभव। (Photo Source: Pexels)
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रवांडा
अफ्रीकी देश रवांडा ने 2008 में प्लास्टिक बैग पर देशव्यापी प्रतिबंध लगाया। शुरुआत में इसे अव्यवहारिक माना गया, लेकिन सख्त कानून और जनभागीदारी के कारण आज रवांडा अफ्रीका के सबसे साफ देशों में गिना जाता है। यहां हवाई अड्डों पर भी प्लास्टिक बैग जब्त कर लिए जाते हैं। यहां की सड़कों और शहरों की स्वच्छता दुनिया भर में सराही जाती है। (Photo Source: Pexels) -
फिनलैंड
फिनलैंड ने ‘हाउसिंग फर्स्ट’ मॉडल अपनाया, जिसमें बेघर लोगों को पहले स्थायी घर दिया जाता है, फिर नौकरी, इलाज और काउंसलिंग जैसी सेवाएं। बाकी देशों के उलट, यहां शर्तें नहीं रखी गईं। इसका असर यह हुआ कि फिनलैंड यूरोप का एकमात्र देश बन गया जहां बेघर लोगों की संख्या लगातार घट रही है। (Photo Source: Pexels) -
कोस्टा रिका
कोस्टा रिका ने साबित कर दिया कि छोटे देश भी ऊर्जा क्रांति ला सकते हैं। यह देश अपनी लगभग पूरी बिजली जरूरतें जल, पवन और सौर ऊर्जा से पूरी करता है। कई वर्षों में यहां 98–99% तक बिजली रिन्यूएबल सोर्स से आई है, जिससे कार्बन उत्सर्जन बेहद कम हुआ। (Photo Source: Pexels) -
दक्षिण कोरिया
दक्षिण कोरिया ने समय रहते राष्ट्रीय फाइबर-ऑप्टिक नेटवर्क में निवेश किया। नतीजा यह हुआ कि आज यहां दुनिया की सबसे तेज और सस्ती इंटरनेट सेवाएं उपलब्ध हैं। इस डिजिटल बुनियादी ढांचे ने शिक्षा, स्टार्टअप्स, टेक्नोलॉजी इनोवेशन और डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। (Photo Source: Pexels)
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एस्टोनिया
एस्टोनिया ने सरकारी सेवाओं को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया। टैक्स फाइलिंग, बिजनेस रजिस्ट्रेशन, मेडिकल रिकॉर्ड, लगभग हर सेवा कुछ ही मिनटों में डिजिटल रूप से पूरी हो जाती है। इससे भ्रष्टाचार कम हुआ, समय की बचत हुई और सरकार पर जनता का भरोसा बढ़ा। (Photo Source: Pexels) -
सिंगापुर
कभी बेहद प्रदूषित रहीं सिंगापुर की नदियां आज साफ और वाइब्रेंट वाटरवेज बन चुकी हैं। दशकों तक चले पर्यावरणीय सुधार कार्यक्रम, सख्त नियमों, लगातार निगरानी और आधुनिक सीवेज सिस्टम की बदौलत सिंगापुर ने अपनी नदियों को फिर से जीवन दिया। (Photo Source: Pexels) -
नॉर्वे
नॉर्वे ने टैक्स छूट, सब्सिडी, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और स्ट्रिक्ट एमिशन पॉलिसी के जरिए इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया। आज यहां बिकने वाली 90% से ज्यादा नई कारें इलेक्ट्रिक हैं। यह दिखाता है कि सही प्रोत्साहन से लोग पर्यावरण के अनुकूल विकल्प अपनाते हैं। (Photo Source: Pexels) -
यूएई
तेल के लिए मशहूर यूएई ने भविष्य को देखते हुए सौर ऊर्जा में भारी निवेश किया। यहां दुनिया के सबसे कम लागत वाले सोलर प्लांट लगाए गए हैं, जिससे साफ ऊर्जा आम लोगों तक पहुंच रही है और देश की ऊर्जा रणनीति मजबूत हुई है। (Photo Source: Pexels) -
क्या सिखाते हैं ये उदाहरण?
इन सभी देशों की कहानियां एक ही बात साबित करती हैं- समस्या कितनी भी जटिल क्यों न हो, अगर नीति स्पष्ट हो, अमल सख्त हो और जनता का भरोसा सरकार के साथ हो, तो ‘असंभव’ भी संभव बन सकता है। लंबी अवधि की योजना और निरंतर इम्प्लिमेंटेशन ही असली बदलाव की कुंजी है। (Photo Source: ChatGPT/AI)
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