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कांग्रेस ने देश की मशहूर ट्रांसजेंडर पॉलिटकल एक्टिविस्ट और पत्रकार अप्सरा रेड्डी को अपनी पार्टी की महिला इकाई का राष्ट्रीय महासचिव बनाया है। मंगलवार को कांग्रेस ने ट्वीट के जरिए अप्सरा के नियुक्ति की जानकारी साझा की। वहीं अप्सरा ने भी अपने फेसबुक अकाउंट पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ तस्वीर शेयर उन्हें धन्यवाद कहा। बता दें कि अप्सरा कांग्रेस की पहली ट्रांसडेंडर महासचिव हैं। हालांकि, इससे पहले सार्वजनिक जीवन में भी वह काफी लोकप्रिय रही हैं। कांग्रेस में शामिल होने से पहले अप्सरा कई स्तर पर राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रही हैं। थोड़े वक्त के लिए उनका नाता बीजेपी से भी रहा, लेकिन जल्द ही उन्होंने अपना रास्ता अलग कर लिया। अप्सरा ने अपने जीवन तमाम तरह के कार्य किए हैं। आगे क्लिक कर जानिए कांग्रेस महासचिव बनाए जाने से पहले क्या थी अप्सरा की पहचान और अब के करिअर में क्या-क्या किए काम। (All Pics- Social Media)
कांग्रेस का राष्ट्रीय महासचिव बनाए जाने पर अप्सरा रेड्डी ने खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि ट्रांसजेंडर महिलाएं उनसे कहती थी कि तुम यहां अपनी जिंदगी नहीं बना पाओगी। तुम्हें कहीं और चले जाना चाहिए। लेकिन भारत की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस ने मेरा स्वागत किया है यह भावुक और सुखद महसूस कराने वाला क्षण हैं। उन्होंने कहा कि जिदंगी में उन्होंने काफी दुश्वारियां झेली हैं। लोगों ने उनका मजाक उड़ाया है। लेकिन, मजबूत मनासिकता के साथ सिर्फ काम पर ही ध्यान दिया और दिमाग को शांत रखा। अप्सरा के जयललिता की पार्टी AIADMK की प्रवक्ता भी रहीं। लेकिन, जयललिता के निधन के बाद उन्होंने पार्टी छोड़ दी। उन्होंने इसके लिए पार्टी के भीतर चल रहे टकराव को कारण बताया। -
अप्सरा रेड्डी आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले से आती हैं। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में रहकर पूरी की। इसके बाद उनका रूझान पत्रकारिता की तरफ हुआ। पत्रकारिता के अध्ययन के लिए उन्होंने ऑस्ट्रेलिया का रुख किया और मोनाश यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट हुईं। कॉलेज के शुरुआती दौर से ही वह सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहीं। उन्होंने लंदन से अपना पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की और साथ ही वहां के मीडिया संस्थानों में काम भी किया। पत्रकारिता में काम करने का साथ-साथ वह ट्रांसजेंडर अधिकारों को लेकर भी सक्रिय रहीं।
अप्सरा रेड्डी आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले से आती हैं। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में रहकर पूरी की। इसके बाद उनका रूझान पत्रकारिता की तरफ हुआ। पत्रकारिता के अध्ययन के लिए उन्होंने ऑस्ट्रेलिया का रुख किया और मोनाश यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट हुईं। कॉलेज के शुरुआती दौर से ही वह सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहीं। उन्होंने लंदन से अपना पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की और साथ ही वहां के मीडिया संस्थानों में काम भी किया। पत्रकारिता में काम करने का साथ-साथ वह ट्रांसजेंडर अधिकारों को लेकर भी सक्रिय रहीं। -
अप्सरा ने थाईलैंड में अपना जेडंर चेंज कराया था। एक इंटरव्यू के दौरान अप्सरा ने बताया कि जब वह 13 औऔर 14 साल की थीं तो वह अक्सर Google पर यही सर्च करती थीं कि एक लड़का कैसे लड़की बन सकता है।
समाज में जब अप्सरा रेड्डी को लोग हीन भावना से देखते थे तो उन्होंने अपना जेंडर बदलवाया। अजय से अप्सरा बनने के फैसले में उनकी मां ने पूरा साथ दिया। उस दौरान अप्सरा की मां एक बेहद प्रगतिशील महिला जबकि पिता शराबी थे। मां ने अजय रेड्डी का अप्सरा बनने में काफी सपोर्ट किया। सर्जरी के बाद वह 4 दिन तक अस्पताल के बेड पर ही रहीं। -
बाद में वह अपनी पढ़ाई के लिए ऑस्ट्रेलिया में गईं। यहां आने के बाद अजय रेड्डी एक क्लब पहुंचे, जहां पर वह एक बेहद खूबसूरत ट्रांससेक्सुल लेडी जेसिंटा से मिले। इसके बाद दोनों की चैट पर बाद हुई तो पता चला कि दोनों की कंडीशन एक जैसी ही है। उनके पिता भी अजय के पिता अप्सरा के पिता की तरह शराबी थे। वह भी एक लड़की बनना चाहती थी और उसने भी अपना जेंडर बदलवाया। उसी से प्रेरणा लेकर अजट रेड्डी अप्सरा बने। जेडंर बदलवाने के लिए अप्सरा को करीब 8 माह तक बैंकॉक में रहना पड़ा। लंबे समय की सर्जरी के बाद जब अजय को होश आया तो उन्हें काफी दर्द हुआ। लेकिन बाद में वह काफी खुश हुईं।