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रेल बजट 2016 में जिन 'दीन दयालु' अनारक्षित कोचों का एलान किया गया था, भारतीय रेलवे उन्हें कुछ प्रमुख रूट्स पर उतारने के लिए पूरी तरह से तैयार है। इन नॉन एसी कोचों का रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने उद्घाटन कर दिया है। (Image by Indian Railways)
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साल भर के भीतर आईसीएफ (इंटीग्रल कोच फैक्टरी) करीब 415 दीन दयालु कोच का निर्माण करेगा। इन बोगियों को ज्यादा भीड़भाड़ वाले रूट्स पर उतारा जाएगा। इनकी खासियत यह है ज्यादा सुविधाओं से लैस होने के बावजूद इनका किराया आम बोगियों जितना ही होगा। आगे की स्लाइड्स में जानें इन बोगियों की खासियत (Image by Indian Railways)
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रेल मंत्रालय के सूचना विभाग के डायरेक्टर वेद प्रकाश के मुताबिक, 'इन बोगियों में अन्य नॉन एसी सेकंड क्लास कोचों के मुकाबले बेहतर सीट्स लगे हुए हैं। इनमें ऐसी कई सुविधाएं हैं, जो सेकंड क्लास में सफर करने वाले यात्रियों की बेहतर सहूलियत के लिए दी गई हैं।' (Image by Indian Railways)
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प्रकाश ने एफईऑनलाइन से बातचीत में कहा कि इन कोचों को दिल्ली से मुंबई, दिल्ली से कोलकाता और अन्य व्यस्त रूट्स पर लगाया जाएगा। (Image by Indian Railways)
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इन कोचों में पीने के साफ पानी की सप्लाई के लिए एक्वागार्ड लगाया गया है। (Image by Indian Railways)
बोगियों में बायो टॉयलेट्स हैं। इसके अलावा, किसी के अंदर होने की सूचना देने के लिए इंडिकेटर भी लगे हुए हैं। (Image by Indian Railways) अग्निशमन यंत्र, ज्यादा क्षमता वाले डस्टबिन के अलावा वाटर लेवल इंडिकेटर भी लगाए गए हैं। (Image by Indian Railways) -
कोट हुक्स और लगेज रखने के लिए गद्देदार रैक्स की भी व्यवस्था की गई है। (Image by Indian Railways)
इंटरनल पैनल एल्मुनियम की मिश्रधातु से बने हुए हैं। इसके अलावा, दरवाजे में एडिशनल हैंड होल्ड की भी व्यवस्था की गई है। (Image by Indian Railways) -
कोच में एलईडी लाइट्स लगाए गए हैं। इसके अलावा, ज्यादा संख्या में मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट भी दिए गए हैं। एक कोच की कीमत करीब 81 लाख रुपए है। इस वित्त वर्ष में ऐसे 700 कोच बनाए जाएंगे। (Image by Indian Railways)