-
कुछ सरकारों ने केंद्र के फैसले से पहले ही बंदी को आगे बढ़ा दिया था।
-
मुंबई में कंस्ट्रक्शन साइट्स पर मजदूरी करने वाले मजदूरों का एक समूह भी परिवार सहित 25 मार्च की सुबह पैदल ही कर्नाटक के गुलबर्ग में अपने गांव की तरफ निकल पड़ा। (AP Photo)
-
650 किमी की दूरी पैदल तय करने निकले इस समूह के कई लोगों के पैरों में चप्पल तक नहीं थे। (Photo: PTI)
-
अपने सफर के 6 दिन बाद ये लोग पुणे-सोलपुर हाइवे पर लोनी के पास पहुंचे। ये तस्वीर उसी समूह के अनीता छवन(20 वर्ष) की है। इनके पैरों की हालत इनका दर्द बयां करने को काफी है। इन लोगों को अभी करीब 300 किलोमीटर और चलना है।
-
ऐसे ही हालात कई जगह देखने को मिले। ये तस्वीर प्रयागराज की है जिसमें पैदल ही अपने घर की तरफ निकले एक मजदूर के घायल पैर दिख रहे हैं। (AP Photo)
-
बता दें कि लॉकडाउन के ऐलान के बाद जिस तरह से लोग बड़े-बड़े शहरों से अपने गांव-कस्बों की तरफ पैदल ही निकल पड़े। (प्रतीकात्मक फोटो) सोर्सः एपी
-
इस पलायन का दर्द प्रवासी मजदूरों को सबसे ज्यादा झेलना पड़ा है। (AP Photo)
-
मीडिया से लेकर सोशल मीडिया तक में पलायन की ऐसी कई तस्वीरें आईं जिसे किसी की भी आंखें नम हो जाएं।