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Coronavirus के प्रकोप को देखते हुए दिल्ली में केजरीवाल सरकार ने महामारी एक्ट लगा दिया है। इस एक्ट के तहत किसी भी जगह एक साथ 50 या उससे अधिक लोगों के एकत्रित होने पर रोक रहेगी। कोरोना वायरस के कारण ही ये भी माना जा रहा था कि पिछले करीब 90 दिनों से शाहीन बाग में चल रहा नागरिकता संशोधन कानून विरोधी प्रदर्शन समाप्त हो जाएगा। लेकिन ऐसा होता नहीं दिख रहा है।
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कोरोना वायरस और महामारी एक्ट के लागू होने के बाद शाहीन बाग में बैठने की व्यवस्था में बदलाव किया गया है।
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अब जमीन पर एक साथ बैठने की बजाय महिलाएं तख्तों पर बैठ रही हैं। वहां करीबन 100 तख्त लगा दिए गए हैं, जिन पर महिलाएं 2-2 के ग्रुप में बैठ रही हैं।
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शाहीन बाग के ज्यादातर प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के 50 से ज्यादा लोगों के जुटने वाले आदेश को न मानने की बात कर रहे हैं।
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बता दें कि पिछले साल दिसंबर महीने में नागरिकता संशोधन कानून बनने के बाद से ही शाहीन बाग में लोग धरने पर हैं।
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शाहीन बाग का प्रदर्शन काफी चर्चित रहा। शाहीन बाग का प्रदर्शन दिल्ली में हुए चुनावों में भी अहम मुद्दा रहा।
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सीएए विरोधी आंदोलन के कारण ही दिल्ली में दंगे भी हुए। हालांकि ये दंगे शाहीन बाग से दूर उत्तरी पूर्वी दिल्ली में हुए थे।
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दंगों और कोरोना वायरस के प्रकोप के बाद भी शाहीन बाग के प्रदर्शनकारी वहां से हटने के मूड में नहीं दिख रहे हैं।