
विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत में 26 जून 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आपातकाल थोप दिया था। आतंरिक उथल पुथल से देश की सुरक्षा को खतरा बताते हुए आम नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों को छीन लिया गया। विपक्ष के सभी बड़े नेताओं को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। विरोध में उठने वाली हर आवाज को दबा दिया गया। मीडिया पर सेंसरशिप लागू कर दी गई। अगले 21 महीने तक देश में लोकतंत्र का सूरज डूबा रहा। आगे पढ़िए आपातकाल से जुड़ी तमाम अहम बातें। (Express Photo) -
साल 1971 में पाकिस्तान की जीत का फायदा कांग्रेस को चुनाव में मिला और कांग्रेस 352 सीटों के साथ सत्ता में लौटी। साल 1973 तक आते-आते परिस्थितियां बदलने लगी। खाने-पीने की चीजों में बढ़ती कीमतें, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार के कारण जनता में असंतोष बढ़ने लगा। इसके बाद 1974 में रेलवे हड़ताल, बिहार में छात्रों का आंदोलन और 1975 में गुजरात में संयुक्त विपक्ष की विधानसभा चुनाव की जीत ने इंदिरा गांधी को हिलाकर रख दिया। जून 12 में इलाहबाद हाई कोर्ट ने राज नारायण की याचिका पर सुनवाई करते हुए रायबरेली सीट से इंदिरा गांधी की जीत को निरस्त कर दिया। इसी के साथ ही इंदिरा गांधी पर गद्दी खाली करने का दबाव बढ़ने लगा। (Express Photo)
25 जून को जयप्रकाश नारायण ने दिल्ली में एक बड़ी जनसभा करके इंदिरा के त्याग-पत्र के लिए एक हफ्ते का सत्याग्रह करने का निर्णय लिया। सभी सरकारी कर्मचारियों को संस्थानों का बहिष्कार करने के लिए कहा गया। देश में सरकार विरोधी एक बड़ी लहर तैयार हो चुकी थी।(Express Photo) 26 जून को सुबह 8 बजे इंदिरा गांधी ने रेडियो पर बोलते हुए देश को आपातकाल घोषित होने की जानकारी दी। दिल्ली के कई बड़े अखबारों की रात में लाइट काट दी गई थी, जिस कारण वो इस खबर को छाप ही नहीं पाए। कई अखबारों में आपातकाल की खबर 27 जून को छापी गई। (Express Photo) -
आपातकाल में मीडिया पर सेंसरशिप लागू कर दी गई। कई अखबारों और पत्रिकाओं पर प्रतिबंध लगा दिया गया। जब सभी अखबार आपातकाल के विरोध में लिखने से रोके जा रहे थे, ऐसे समय में इंडियन एक्सप्रेस के संस्थापक रामनाथ गोयनका ने विरोध करने का नयाब तरीका निकाला। 28 जून 1975 को उन्होंने विरोधस्वरूप इंडियन एक्सप्रेस अखबार का संपादकीय खाली छोड़ दिया। सरकार ने अपनी नाराजगी दिखाने के लिए एक्सप्रेस ऑफिस की दो दिन के लिए बिजली काट दी थी। लंदन टाइम्स, डेली टेलीग्राफ, वॉशिंगटन पोस्ट, द लॉस एंजिलिस टाइम्स के रिपोटर्स को देश छोड़ने का आदेश दे दिया गया। वहीं इकोनॉमिस्ट और गार्जियन अखबार के रिपोटर्स ने धमकियां मिलने के बाद देश छोड़ दिया। (Express Photo)
गृह मंत्रालय ने मई 1976 में संसद में बताया कि करीब 7000 लोगों को आपातकाल विरोधी पर्चे बांटने के आरोप में हिरासत में लिया गया है। यूथ कांग्रेस के कार्यक्रम में आने से मना करने पर मशहूर गायक किशोर कुमार के गाने रेडियो पर बैन कर दिए गए थे। (Express Photo) -
21 महीनो के बाद साल 1977 में आपातकाल हटाया गया और अगले चुनाव में कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा। देश में पहली बार गैर कांग्रेसी सरकार बनी।
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आपातकाल के समय जामा मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने के बाद का दृश्य। (Express Photo)
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रेलवे यूनियन नेता जॉर्ज फर्नांडिस को रेलवे हड़ताल के लिए गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में जॉर्ज जनता दल में शामिल हो गए। (Express Photo