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CAA, NRC और NPR के विरोध में तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में बुधवार को लोग सड़कों उतरे। करीब 20 हजार की संख्या में इकट्ठा हुए लोगों नेनागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ एक बड़ा मार्च निकाला। मार्च निकाल रहे लोगों ने केंद्र की मोदी सरकार से इस कानून को वापस लेने की अपील की। इसी अपील के साथ इन लोगों सचिवालय की ओर पदयात्रा निकाली। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे इन लोगों ने प्रदेश सरकार से एनपीआर और सीएए को यहां लागू ना करने की मांग भी की।
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दिल्ली के शाहीन बाग (Shaheen Bagh) की ही तरह चेन्नई में भी महिलाएं सीएए, एनआरसी और एनपीआर का विरोध कर रही हैं।
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बता दें कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, यह सभी लोग बुधवार सुबह चेन्नै के वालाजाह रोड पर इकट्ठा हुए थे।
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इसके बाद हजारों की संख्या में इन लोगों ने सचिवालय की ओर मार्च निकाला।
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नागरिकता संशोधन कानून (सीएए), नैशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस (एनआरसी) और नैशनल पॉप्युलेशन रजिस्टर (एनपीआर) की प्रक्रिया को वापस लेने की मांग करते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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इस पदयात्रा में बड़ी संख्या में सामाजिक संस्थाओं और मुस्लिम समाज के लोगों ने हिस्सा लिया। इस विशाल मार्च के बीच लोगों ने सड़कों पर राष्ट्रगान भी गाया।
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सचिवालय की ओर इन प्रदर्शनकारियों के मार्च के कारण शहर में बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों के जवान तैनात रहे।
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इस मार्च के मद्देनजर शहर के कई हिस्सों में लोगों को जाम की दिक्कत से भी दो-चार होना पड़ा।