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27 नवंबर को हैदराबाद में हुए महिला डॉक्टर के रेप और मर्डर केस के चारों आरोपियों को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया। 6 दिसंबर को हुए इस एनकाउंटर में पुलिस ने बताया कि आरोपी गिरफ्त से फरार होने की कोशिश कर रहे थे जिसके बाद उन्हें ये कार्रवाई करनी पड़ी। जहां इस एनकाउंटर पर कई लोग खुशी जाहिर कर रहे हैं तो वहीं बहुत से ऐसे भी हैं जो पुलिस को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं। इस एनकाउंटर पर सवाल उठाते हुए कुछ लोग जांच की मांग कर रहे हैं। कुल मिलाकर इस एनकाउंटर पर विवाद गहराता दिख रहा है। वैसे ये कोई पहला मौका नहीं है जब किसी एनकाउंटर की इतनी चर्चा हो रही है। इससे पहले भी कई ऐसे एनकाउंटर हुए जो लंबे अरसे तक सुर्खियों में छाए रहे। आइए डालते हैं ऐसे ही कुछ एनकाउंटरों पर एक नजर(Photo: PTI):
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Batla House Encounter: 19 सितंबर 2008 को दिल्ली के जामिया इलाके में बटला हाउस एनकाउंटर हुआ था। इस एनकाउंटर में क्राइम ब्रांच इंसपेक्टर मोहन चंद्र शर्मा की गोली लगने से मौत हो गई थीय़ साथ ही दो संदिग्ध भी मारे गए थे। इस एनकाउंटर को कुछ लोगों ने फर्जी बताया था तो वहीं इसपर जमकर राजनीति भी हुई। यह केस इतना चर्चित था कि इस पर इसी साल बटला हाउस नाम से फिल्म भी बनी। (Photo: Indian Express)
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8 Simi Activists Encounter: अक्टूबर 2016 में भोपाल में हुए 8 सीमी सदस्यों का एनकाउंटर भी कई दिनों तक सुर्खियों में रहा था। इस एनकाउंटर में पुलिस ने बताया था कि इन आठों ने जेल में सिपाही की पहले तो गला रेतकर हत्या की फिर चादरों की रस्सी बना जेल से फरार हो गए। बाद में मुठभेड़ में ये सभी मारे गए।(Photo: PTI)
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Ishrat Jahan Encounter: 2004 में हुआ इशरत जहां एनकाउंटर भी काफी चर्चित रहा है। इस एनकाउंटर में गुजरात पुलिस ने इशरत जहां, उसके दोस्त प्रनेश पिल्लई उर्फ जावेद शेख और दो पाकिस्तानी नागरिकों अमजदाली राना और जीशान जोहर को आतंकी बताते हुए ढेर कर दिया था। इसपर जांच भी चली और ये केस मीडिया में भी छाया रहा।(Photo: Indian Express)
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Sohrabuddin Sheikh Encounter: साल 2005 में अहमदाबाद में राजस्थान और गुजरात पुलिस ने ज्वाइंट ऑपरेशन में सोहराबुद्दीन शेख को मार गिराया था। इस एनकाउंटर पर भी सवाल उठे थे और राजनीति गरमाई थी। (Photo: Indian Express)
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Dara Singh Encounter: 23 अक्टूबर 2006 को जयपुर में हुए दारा सिंह एनकाउंटर पर खूब उंगलिया उठी थीं। दारा सिंह की पत्नी ने इस एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए कोर्ट में केस किया जिसके बाद इसकी जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी। इस एनकाउंटर मामले में राजस्थान के तत्कालीन मंत्री तमेत पुलिस के आला अधिकारियों तक के नाम सामने आए थे।(Photo: Indian Express)
Connaught Place Encounter: 31 मार्च 1997 को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कनॉट प्लेस इलाके में हरियाणा के बिजनेसमैन प्रदीप गोयल और जगजीत सिंह को यूपी का गैंगस्टर समझ एनकाउंटर कर गिया था। 16 सालों तक सुनवाई के बाद इस एनकाउंटर को फर्जी माना गया और दोषी पुलिसवालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।(Photo: Indian Express)