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Ravish Kumar On Love Jihad: कथित 'लव जिहाद' के खिलाफ उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) सरकार एक अध्यादेश लेकर आई है। इसके तहत, शादी के लिए 'छल, कपट, प्रलोभन या बलपूर्वक धर्मांतरण' कराए जाने पर अधिकतम 10 साल जेल और जुर्माने की सजा का प्रावधान है। इसके साथ ही इलाहाबाद हाईकोर्ट ने धर्मांतरण औऱ 'लव जिहाद' जैसे विषय पर अहम फैसला सुनाया। हाईकोर्ट के फैसले पर एनडीटीवी (NDTV) के वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार (Ravish Kumar) ने कहा कि कोई तो है जो संविधान की रक्षा करने में लगा है। रवीश कुमार ने मौजूदा सरकार पर निशाना साधते हुए पूछा कि क्या शादी के फैसले पर भी अब सरकार मुहर लगाएगी?
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रवीश कुमार ने एनडीटीवी पर प्रसारित हेने वाले अपने प्रोग्राम प्राइम टाइम (Prime Time With Ravish Kumar) में कहा कि जिन राजनीतिक दलों के हाथ में हमारे संवैधानिक मूल्यों की रक्षा की जिम्मेदारी है वही लोग इसका गला घोंटने में लगे हैं। उन्होंने संविधान के आर्टिकल 15 का हावाला देते हुए कहा कि किसी के साथ भी जाति ,धर्म, लिंग या फिर जन्म के स्थान पर भेदभाव नहीं करना चाहिए लेकिन ये राजनीतिक दल लगातार एक धर्म विशेष के खिलाफ मोर्चा खोले नजर आ रहे हैं।
रवीश कुमार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले का जिक्र किया जिसमें उसने कहा है कि , 'जीवनसाथी चुनने का अधिकार संवैधानिक है और यह जीवन और निजी स्वतंत्रता के अधिकार में निहित है।' रवीश ने पूछा कि धर्मांतरण औऱ लव जिहाद के नाम पर बोगस आधार खड़ा करने वाले राजनीतिक दल इस फैसले पर क्या कुछ भी बोलने की हिम्मत रखते हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इसी साल सितंबर में एक फैसला दिया था कि महज शादी के लिए धर्म परिवर्तन करना सही नहीं है। अपने ही इस फैसले को पलटते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अब जो फैसला सुनाया उसके लिए रवीश कोमार ने बेंच की तारीफों के पुल भी बांधे। -
रवीश कुमार ने कहा कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने धर्मांतरण की आड़ में दिए गए अपने ही फ़ैसले को पलट दिया है। आप किससे शादी करेंगे यह आपका मामला होना चाहिए। समाज की संकीर्णताओं का पालन पोषण करना ख़ुद को सूखे कुएं में डुबाने जैसा है।
रवीश कुमार ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ये सरकार स्कूल कालेज पर कम बात करती है। इन्हीं सब फ़ालतू विषयों के लिए इसके पास भरपूर टाइम है। -
Photos: Indian Express and Social Media