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नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ उत्तर प्रदेश में 19 दिसंबर को हुए हिंसक प्रदर्शन को लेकर योगी सरकार ने कड़ा कदम उठाते हुए 57 प्रदर्शनकारियों की तस्वीरें लखनऊ के कई चौराहों पर लगा दीं। इन लोगों से कुल 1 करोड़ 55 लाख रुपए की वसूली के आदेश जारी हुए हैं। पिछले सप्ताह इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार को आदेश दिया था कि लखनऊ से इन सभी लोगों के पोस्टर हटाए जाए। हालांकि यूपी सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के बावजूद भी पोस्टर नहीं हटाए हैं। यूपी सरकार हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करेगी।
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अब इसी पोस्टर विवाद पर राजनीति शुरू हो गई है। शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के नेता व प्रवक्ता आईपी सिंह ने लखनऊ में प्रदर्शनकारियों के पोस्टर्स के बराबर में एक और पोस्टर लगा दिया है।

इस पोस्टर में आईपी सिंह ने उन भाजपा नेताओं की तस्वीरें लगाई हैं जिनपर पिछले दिनों बलात्कार के आरोपे लगे हैं। इसमें कुलदीप सिंह सेंगर और स्वामी चिन्मयानंद की तस्वीरें लगी हैं। -
सपा नेता ने पोस्टर लगाने के मामले की जानकारी देते हुए लिखा- जब प्रदर्शनकारियों की कोई निजता नहीं है और उच्चन्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद भी योगी सरकार होर्डिंग नहीं हटा रही है तो ये लीजिए फिर।
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आईपी सिंह ने लिखा- लोहिया चौराहे पर मैंने भी कुछ कोर्ट द्वारा नामित अपराधियों का पोस्टर जनहित में जारी कर दिया है, इनसे बेटियां सावधान रहें।
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सपा नेता ने ये भी लिखा- मेरे पोस्टर का विरोध वही करेगा जो महिला विरोधी और बलात्कारियों का समर्थन कर रहा है। सरकार उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय का अपमान कर संविधान विरोधी कार्य करेगी तो फिर उसके पहले भाजपा को अपने गिरेबान में भी झांक कर देख लेना चाहिए। भाजपा महिला विरोधी है।
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लखनऊ में सपा नेता द्वारा लगाए ये पोस्टर वायरल हो रहे हैं।