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देशभर में लोहरी का पर्व इस बार भी पूरे उत्साह और परंपरागत रंगों के साथ मनाया गया। खास बात यह रही कि पंजाब से निकलकर लोहरी की रौनक बिहार और उत्तर प्रदेश तक के कॉलेज परिसरों में देखने को मिली। (Photo Source: ANI)
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शिक्षकों और छात्रों ने मिलकर लोक परंपराओं को जीवंत किया और आपसी भाईचारे का संदेश दिया। (Photo Source: ANI)
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पंजाब के पटियाला स्थित मल्टानी मल मोदी कॉलेज में लोहरी के मौके पर खास आयोजन किया गया। कॉलेज परिसर में अलाव जलाया गया, जिसके चारों ओर शिक्षक ढोल की थाप पर नाचते नजर आए। (Photo Source: ANI)
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मूंगफली, रेवड़ी और गजक बांटकर सभी ने एक-दूसरे को लोहरी की शुभकामनाएं दीं। शिक्षकों ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक उत्सव नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं। (Photo Source: ANI)
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वहीं बिहार की राजधानी पटना के जेडी विमेंस कॉलेज में छात्राओं ने लोहरी का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। पारंपरिक परिधानों में सजी छात्राओं ने लोक गीत गाए और अलाव के चारों ओर नृत्य किया। (Photo Source: ANI)
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कॉलेज प्रशासन की ओर से भी इस आयोजन को खास समर्थन मिला, जिससे छात्राओं में उत्साह और बढ़ गया। (Photo Source: ANI)
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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गुरु नानक गर्ल्स पीजी कॉलेज में भी लोहरी का रंग देखने को मिला। यहां शिक्षक और छात्राएं एक साथ अलाव के पास नाचते-गाते नजर आए। (Photo Source: ANI)
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पंजाबी लोक संगीत और पारंपरिक गीतों ने माहौल को और भी जीवंत बना दिया। आयोजन के दौरान आपसी सद्भाव और सांस्कृतिक विविधता का संदेश भी दिया गया। (Photo Source: ANI)
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कुल मिलाकर, लोहरी का यह जश्न सिर्फ एक पर्व तक सीमित नहीं रहा, बल्कि देश के अलग-अलग राज्यों में सांस्कृतिक एकता और परंपराओं के सम्मान का प्रतीक बनकर सामने आया। (Photo Source: ANI)
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कॉलेज परिसरों में दिखी यह रौनक बताती है कि भारतीय त्योहार सीमाओं से परे जाकर लोगों को जोड़ने का काम करते हैं। (Photo Source: ANI)
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