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77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर 26 जनवरी 2026 को नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य परेड ने भारत की एकता, विविधता और विकास यात्रा की शानदार तस्वीर पेश की। राज्यों और केंद्रीय मंत्रालयों की झांकियों में देश की सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक गौरव, आत्मनिर्भर भारत का संकल्प और ‘वंदे मातरम्’ की भावना प्रभावशाली रूप से उभरकर सामने आई। (Express Photo by Tashi Tobgyal)
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भारतीय सशस्त्र सेना
भारतीय सशस्त्र बलों की झांकी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर आधारित रही। इसमें थल, जल और वायु सेनाओं की एकजुटता, सामरिक शक्ति और विजय के माध्यम से राष्ट्र की सुरक्षा क्षमता को दर्शाया गया। (Express Photo by Tashi Tobgyal) -
कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय
कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय की झांकी “कौशल से सशक्त: आत्मनिर्भर, भविष्य के लिए तैयार भारत” विषय पर आधारित थी। इसमें युवाओं की भूमिका, नवाचार और कौशल आधारित भारत के निर्माण की झलक दिखाई गई, जो आत्मनिर्भर राष्ट्र की दिशा में बढ़ते कदमों को दर्शाती है। (Express Photo by Tashi Tobgyal) -
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की झांकी “भारत गाथा: श्रुति, कृति, दृष्टि” शीर्षक से प्रस्तुत की गई। इसमें भारत की समृद्ध कथा-कहानी परंपरा और सूचना माध्यमों के विकास की यात्रा को रचनात्मक ढंग से दर्शाया गया। (Express Photo by Tashi Tobgyal) -
पंचायती राज मंत्रालय
पंचायती राज मंत्रालय की झांकी स्वामित्व योजना पर आधारित रही। झांकी में दिखाया गया कि कैसे यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को जमीन और घर का कानूनी स्वामित्व देकर आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को सशक्त बना रही है। (Express Photo by Tashi Tobgyal) -
संस्कृति मंत्रालय
संस्कृति मंत्रालय की झांकी “वंदे मातरम् के 150 वर्ष” विषय पर आधारित रही। इसमें राष्ट्रीय गीत की ऐतिहासिक यात्रा, सांस्कृतिक महत्व और देशवासियों के दिलों में इसकी भावनात्मक प्रतिध्वनि को प्रभावशाली रूप से दर्शाया गया। (Express Photo by Tashi Tobgyal) -
केंद्रीय लोक निर्माण विभाग
केंद्रीय लोक निर्माण विभाग की झांकी ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने की थीम पर आधारित रही। इसमें मातृभूमि के प्रति प्रेम, राष्ट्रीय एकता और विकास में बुनियादी ढांचे की भूमिका को दर्शाया गया। (Express Photo by Tashi Tobgyal) -
राजस्थान
राजस्थान की झांकी ‘राजस्थान–मरुस्थल का स्वर्ण स्पर्श’ थीम पर आधारित रही। इसमें बीकानेर की उस्ता कला, लोक वाद्य रावणहत्था और राज्य की समृद्ध शिल्प परंपराओं का भव्य और जीवंत प्रदर्शन किया गया। (Express Photo by Tashi Tobgyal) -
शिक्षा मंत्रालय
शिक्षा मंत्रालय की झांकी में भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के आधुनिक स्वरूप को प्रदर्शित किया गया। इसमें ‘विकसित भारत 2047’ की परिकल्पना को शिक्षा के माध्यम से साकार करने का संदेश दिया गया। (Express Photo by Tashi Tobgyal) -
ओड़िशा
ओड़िशा की झांकी ने राज्य की समृद्ध संस्कृति, कला और ऐतिहासिक विरासत को भव्य रूप में प्रस्तुत किया। पारंपरिक नृत्य, स्थापत्य और लोक परंपराओं ने कर्तव्य पथ पर दर्शकों को आकर्षित किया। (Express Photo by Tashi Tobgyal) -
भारतीय नौसेना
भारतीय नौसेना की झांकी का नेतृत्व लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा ए और दिलना के ने किया। झांकी में नौसेना की शौर्य, अनुशासन, तकनीकी क्षमता और समुद्री सुरक्षा में योगदान को दर्शाया गया। (Express Photo by Tashi Tobgyal) -
गृह मंत्रालय
गृह मंत्रालय की झांकी ‘दंड से न्याय’ थीम पर आधारित रही। इसमें नए आपराधिक कानूनों को प्रदर्शित किया गया, जो औपनिवेशिक कानूनों की जगह लेकर न्याय आधारित, नागरिक-केंद्रित व्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम हैं। (Express Photo by Tashi Tobgyal) -
तमिलनाडु
तमिलनाडु की झांकी ने “समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत” थीम को खूबसूरती से प्रस्तुत किया। इसमें राज्य के विकास, औद्योगिक प्रगति और आत्मनिर्भरता की भावना को दर्शाते हुए देशभक्ति और सांस्कृतिक गौरव की झलक दिखाई गई। (Express Photo by Tashi Tobgyal) -
पूर्व सैनिक
पूर्व सैनिकों की झांकी में अमर जवान ज्योति के प्रतीक के माध्यम से शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। झांकी ने राष्ट्र निर्माण में पूर्व सैनिकों की निरंतर सेवा और योगदान को भी उजागर किया। (Express Photo by Tashi Tobgyal) -
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं एनडीआरएफ
गृह मंत्रालय की झांकी में एनडीएमए और एनडीआरएफ की भूमिका को दर्शाया गया। इसमें भुज भूकंप के 25 वर्षों की यात्रा को दिखाते हुए भारत की आपदा प्रबंधन क्षमताओं और त्वरित राहत प्रणाली को प्रस्तुत किया गया। (Express Photo by Tashi Tobgyal) -
महाराष्ट्र
महाराष्ट्र से जुड़ा एक अनूठा दृश्य तब सामने आया जब अमरावती पुलिस आयुक्तालय के कांस्टेबल प्रवीण आखरे ने 11 फीट गहरे पानी में 1 मिनट 22 सेकंड तक सांस रोककर तिरंगा फहराया, जिसने साहस और देशभक्ति का संदेश दिया। (Express Photo by Tashi Tobgyal)
(यह भी पढ़ें: गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर तिरंगे की रोशनी में नहाया देश, इमारतों ने बढ़ाया राष्ट्रीय उत्सव का गौरव, देखें तस्वीरें) -
छत्तीसगढ़
77वें गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर प्रस्तुत छत्तीसगढ़ की झांकी “स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम्” थीम पर आधारित रही। इसमें जनजातीय वीर नायकों को समर्पित देश के पहले डिजिटल संग्रहालय को दर्शाया गया, जो आदिवासी शौर्य और आधुनिक तकनीक का प्रभावशाली संगम था। (Express Photo by Tashi Tobgyal) -
केरल
केरल की झांकी में देश की पहली वॉटर मेट्रो परियोजना को प्रदर्शित किया गया। यह झांकी आधुनिक शहरी परिवहन, पर्यावरण-अनुकूल विकास और नवाचार के क्षेत्र में राज्य की उपलब्धियों को दर्शाती है। (Express Photo by Tashi Tobgyal) -
आयुष मंत्रालय
आयुष मंत्रालय की झांकी में राष्ट्रीय आयुष मिशन की भूमिका को प्रदर्शित किया गया। झांकी ने यह दर्शाया कि किस तरह भारत की पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को मजबूत कर उन्हें आधुनिक सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ा जा रहा है। (Express Photo by Tashi Tobgyal) -
जम्मू और कश्मीर
जम्मू-कश्मीर की झांकी में पारंपरिक शिल्पकला, कानी शॉल, कालीन, अखरोट लकड़ी की नक्काशी और लोकनृत्यों की झलक दिखाई गई। केसर के फूलों और संगीत ने राज्य की सांस्कृतिक समृद्धि को जीवंत बनाया। (Express Photo by Tashi Tobgyal) -
मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश की झांकी लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की गौरवशाली विरासत पर केंद्रित रही। इसमें सुशासन, न्याय और सांस्कृतिक संरक्षण के उनके योगदान को शिवलिंग धारण किए स्वरूप के माध्यम से दर्शाया गया। (Express Photo by Tashi Tobgyal) -
असम
असम की झांकी में राज्य की प्रसिद्ध टेराकोटा शिल्प परंपरा को प्रदर्शित किया गया। इसमें धुबरी जिले के अशारिकांडी गांव को दर्शाया गया, जो पारंपरिक असमिया टेराकोटा शिल्पकारों का सबसे बड़ा और प्रसिद्ध केंद्र माना जाता है। (Express Photo by Tashi Tobgyal) -
पंजाब
पंजाब की झांकी ‘हिंद दी चादर’ साहिब गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत शताब्दी को समर्पित रही। झांकी में मानवाधिकार, समानता और धार्मिक स्वतंत्रता के उनके संदेश को प्रस्तुत किया गया। (Express Photo by Tashi Tobgyal) -
विद्युत मंत्रालय
विद्युत मंत्रालय की झांकी “प्रकाश गंगा” थीम पर आधारित रही। इसमें राष्ट्रीय ग्रिड, स्वच्छ ऊर्जा, सार्वभौमिक बिजली उपलब्धता और आत्मनिर्भर व विकसित भारत को ऊर्जा प्रदान करने की यात्रा को दर्शाया गया। (Express Photo by Tashi Tobgyal) -
हिमाचल प्रदेश
हिमाचल प्रदेश की झांकी ने राज्य को ‘देवभूमि’ के रूप में प्रस्तुत किया। इसमें प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाते हुए पहाड़ी जीवन की शांत और दिव्य झलक दिखाई गई। (Express Photo by Tashi Tobgyal) -
नागालैंड
नागालैंड की झांकी में पूर्वोत्तर भारत के विकास और सांस्कृतिक पहचान को दर्शाया गया। झांकी ने राज्य में हो रहे बुनियादी ढांचे, सामाजिक प्रगति और पारंपरिक मूल्यों के संतुलन को प्रस्तुत किया। (Express Photo by Tashi Tobgyal) -
गुजरात
गुजरात की झांकी में ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ पर विशेष फोकस रहा। इसमें मैडम भीकाजी कामा का योगदान, गांधी जी का स्वदेशी संदेश, राष्ट्रीय ध्वज की ऐतिहासिक यात्रा और आत्मनिर्भर भारत की झलक को प्रभावी ढंग से दर्शाया गया। (Express Photo by Tashi Tobgyal) -
पश्चिम बंगाल
पश्चिम बंगाल की झांकी में भारत के स्वतंत्रता संग्राम में राज्य के ऐतिहासिक योगदान को दर्शाया गया। इसमें वीर सपूतों, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्र निर्माण में बंगाल की महत्वपूर्ण भूमिका को प्रभावशाली दृश्य रूप में प्रस्तुत किया गया। (Express Photo by Tashi Tobgyal) -
मणिपुर
मणिपुर की झांकी में राज्य के पारंपरिक कृषि क्षेत्रों से वैश्विक बाजारों तक की यात्रा को दर्शाया गया। झांकी ने स्थानीय कृषि उत्पादों, आत्मनिर्भर किसानों और आर्थिक सशक्तिकरण की कहानी प्रस्तुत की। (Express Photo by Tashi Tobgyal) -
पुदुच्चेरी
पुदुच्चेरी की झांकी में पारंपरिक शिल्पकला, टेराकोटा कला और ऑरोविल के स्वर्णिम मातृमंदिर को दर्शाया गया। झांकी ने मानवीय एकता, सतत जीवन और सांस्कृतिक सद्भाव के वैश्विक संदेश को प्रस्तुत किया। (Express Photo by Tashi Tobgyal) -
उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश की झांकी में बुंदेलखंड की सांस्कृतिक भव्यता और आधुनिक विकास को एक साथ प्रस्तुत किया गया। झांकी ने प्राचीन विरासत और तेज़ी से आगे बढ़ते आधुनिक उत्तर प्रदेश के संतुलन को दर्शाया। (Express Photo by Tashi Tobgyal) -
एकीकृत संचालन केंद्र
एकीकृत संचालन केंद्र की झांकी में ऑपरेशन सिंदूर की झलक दिखाई गई। इसमें ब्रह्मोस, आकाश मिसाइल सिस्टम और एस-400 की क्षमताओं के माध्यम से भारत की रणनीतिक और रक्षा शक्ति को प्रदर्शित किया गया। (Express Photo by Tashi Tobgyal)
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