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दुनिया की मशहूर मैगजीन 'द इकनॉमिस्ट' (The Economist) ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार का अति महत्वाकांक्षी कदम बताया है। मैगजीन ने अपने ताजा अंक में 'इन्टॉलरेंट इंडिया' नाम से फ्रंट कवर छापा है। मैगजीन ने अपने लेख में मोदी सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए लिखा कि ऐसा लग रहा है कि पीएम मोदी भारत को एक सहिष्णु और बहु धार्मिक देश की जगह उग्र हिंदुत्व राज्य की तरफ ले जा रहे हैं। मैगजीन ने यह भी लिखा है कि सरकार की नीतियों से भले ही नरेंद्र मोदी चुनाव जीत जाएं लेकिन देश यह देश के लिए 'राजनीतिक जहर' साबित होंगी। मैगजीन ने चेताया है कि CAA लागू होने से देश में खूनी संघर्ष हो सकता है।
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The Economist के लेटेस्ट अंक के सामने आने के बाद सोशल मीडिया इस प्रतिष्ठित मैगजीन के कुछ पुराने अंकों के कवर पेज भी सोशल मीडिया में शेयर किए जा रहे हैं। लोग साल 2010 के उस अंक का कवर पेज शेयर करते हुए मोदी सरकार की आलोचना भी कर रहे हैं जिसमें भारतीय अर्थव्यवस्था की जमकर तारीफ की गई थी।
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The Economist के साल 2010 वाले अंक की ताजा एडिशन से तुलना करते हुए लोग लिख रहे हैं कि मनमोहन सिंह के मुकाबले नरेंद्र मोदी ने आज देश को कहां लाकर खड़ा कर दिया है।
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2010 वाले अंक में The Economist ने बताया था कि किस तरह से भारत का विकास चीन की रफ्तार को रोक सकता है।
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लोग उसी एडिशन के कवर पेज के जरिए नरेंद्र मोदी सरकार की आलोचना कर रहे हैं।
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जवाब में पीएम मोदी के समर्थन वाले लोग The Economist का 2012 का वो अंक शेयर कर रहे हैं जिसमें बताया गया था करप्शन के जालमें फंसकर भारत अपना जादू खो रहा है।
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कुछ लोग The Economist का वो अंक भी शेयर कर रहे हैं जिसमें मैजगीन ने सवाल उठाया था कि किया नरेंद्र मोदी भारत को बचाएंगे या फिर उसकी लुटिया डुबा देंगे।
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बता दें कि The Economist का ताजा आर्टिकल कहता है कि, 'संविधान के पंथनिरपेक्ष मूल्यों को कमजोर करने वाला पीएम मोदी का ताजा कदम भारतीय लोकतंत्र को नुकसान पहुंचा सकता है और इसका असर दशकों तक रह सकता है। धर्म और राष्ट्रीय पहचान पर विभेद कर बीजेपी को अपना समर्थन बढ़ाने में सफलता मिली है और वह कमजोर अर्थव्यवस्था से ध्यान भटकाने में भी सफल रही है।'