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Delhi Violence: नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सोमवार को हुई हिंसा ने दिल्ली पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल रतनलाल (Ratan Lal) की जान ले ली। मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले रतनलाल दिल्ली के बुराड़ी इलाके में तीन बच्चों और पत्नी के साथ रहते थे। 42 साल के रतनलाल परिवार में कमाने वाले इकलौते सदस्य थे।
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24 फरवरी को मौजपुर जाफराबाद इलाके में हुई हिंसा में रतनलाल उपद्रवियों का शिकार बन गए।
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रतनलाल बीमार होने के बावजूद भी ड्यूटी पर तैनात थे। बताया जा रहा है कि उनके सिर पर पत्थर लगने से उनकी मौत हुई। वहीं कुछ लोग ये भी दावा कर रहे हैं कि उन्हें उपद्रवियों की गोली लगी थी।
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रतनलाल के मौत की खबर उनके परिजनों को टीवी के जरिए हुई।
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रतनलाल की मौत पर सोशल मीडिया में लोगों का दर्द छलक पड़ा है। लोग लिख रहे हैं कि माफ करना रतनलाल हम आपको बचा नहीं पाए।
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रतनलाल अपने पीछे रोता बिलखता परिवार छोड़ गए हैं। परिवार में उनकी पत्नी के अलावा बड़ी बेटी सिद्धि 12 साल की, छोटी बेटी कनक 10 साल की और सबसे छोटा बेटा राम 7 साल का है।
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रतनलाल के निधन पर आईपीएस एसोसिएशन (IPS Association) ने शोक जताया है। एसोसिएशन ने कहा है कि रतनलाल ने अपना कर्तव्य पूरी निष्ठा से निभाया। इस दौरान कर्तव्य के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है। अपने एक ट्वीट में एसोसिएशन ने कहा है कि यह राष्ट्र की सेवा में कर्तव्य को ऊपर रखने का एक बड़ा उदाहरण है। एसोसिएशन ने मृतक के आत्मा की शांति की प्रार्थना की है। साथ ही कहा है कि उनके परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने का साहस मिले।
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रतनलाल दिल्ली पुलिस में 1998 में शामिल हुए थे। वह एसीपी गोकलपुरी के ऑफिस में तैनात थे।
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साल 2004 में जयपुर की रहने वाली पूनम से उनका विवाह हुआ था।
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बता दें कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हालात बेहत नाजुक बने हुए हैं। सोमवार को एक शख्स सरेआम गोलियां चलाते भी देखा गया। शाहरुख नाम के इस शख्स को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।