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फरवरी महीने में देश की राजधानी दिल्ली में हुए दंगों ने अब तक 47 जिंदगियां लील ली हैं। पीड़ित अब भी दंगों के जख्म के भरने का इंतजार कर रहे हैं। पुलिस दंगों की जांच कर रही है। अब तक जो बात सामने आ रही है, उसमें कहा जा रहा है कि दंगों में बाहरी लोगों का हाथ था। हालांकि, आधिकारिक तौर पर अभी ऐसा कुछ नहीं बताया गया है। लेकिन, अंग्रेजी पोर्टल Scroll.in ने कई स्थानीय लोगों से बात कर बताया है कि इन दंगों में वहीं के लोग भी शामिल थे। स्क्रॉल ने इनसे बातचीत के आधार पर प्रकाशित रिपोर्ट में यह भी बताया है कि दंगाइयों ने कैसे लोगों की जान ली। (PTI Photo)
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Scroll के मुताबिक करावल नगर में रहने वाले 29 साल के एक हिंदू शख्स ने बताया कि उसने तीन मुसलमानों को मौत के घाट उतारा। Scroll ने उसके हवाले से यह भी छापा है कि उसने क्यों और कैसे तीनों को मारा। साथ ही, कत्ल को 'प्रतिशोध' बताते हुए उस शख्स ने यह भी कहा कि उसे अपने किए पर गर्व है। (Photo: REUTERS)
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करावल नगर उत्तर-पूर्वी दिल्ली का वह इलाका है, जहां दंगों के दौरान काफी आगजनी, हिंसा और कत्ल किए गए।
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Scroll के मुताबिक करावल नगर के उस शख्स ने बताया कि 24 फरवरी को भजनपुरा पेट्रोल पंप पर जब वह तेल भरा रहा था तो उसने देखा कि मुसलमानों की भीड़ यमुना विहार इलाके में गाड़ियों को आग लगा रही है। तब वह वहां से जान बचाकर भाग निकला।
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25 फरवरी को सुबह 8 बजे लोहे की रॉड के साथ वह सड़क पर निकल पड़ा। उसने एक चाकू लिया और उसे लोहे की रॉड के ऊपरी सिरे पर बांध लिया। उसका कहना था कि बंदूक लेकर निकलने से फंसने का खतरा था।
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बता दें कि भजनपुरा में जिस पेट्रोल पंप का जिक्र उस शख्स ने किया है, उपद्रवियों ने उसे आग के हवाले कर दिया था। 24 फरवरी को ही करावल नगर में कई दुकानों और मकानों में आग लगा दी गई थी।
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Scroll ने इस युवक के हवाले से लिखा है कि वह और साथ के कुछ और लोग करावल नगर की सड़क पर हथियारों के साथ तैनात हो गए। दो घंटे बाद उन्हें एक मुस्लिम युवक भागता दिखा। हिंदुओं की भीड़ उसे दौड़ा रही थी। उसने लोहे की रॉड फेंक कर मारी जो भाग रहे उस युवक के सिर पर जा लगी। वह गिर पड़ा और भीड़ उस पर टूट पड़ी। उसकी जान चली गई। उसने इसी तरीके से दो और लोगों की जान ली। उसका कहना है कि उसे तीन लोगों को मारना था और उसने ऐसा कर दिखाया।( Photo: REUTERS)
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Scroll के मुताबिक रॉड पर चाकू बांध कर सड़क पर निकले इस शख्स ने बताया कि उसका कोई भी निजी नुकसान नहीं हुआ, फिर भी वह सड़क पर उतरा। उसने अपने कदम को सही ठहराते हुए स्क्रॉल रिपोर्टर से ही सवाल किया- आप नहीं करोगे अगर आपके मोहल्ले वालों को कोई छेड़ेगा तो? (PTI Photo)
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बता दें कि 24 फरवरी को नागरिकता संशोधन कानून को लेकर इसके समर्थक और विरोधी आमने-सामने आ गए थे। दोनों के बीच भड़की हिंसा ने देखते ही देखते साम्प्रदायिक दंगे का रूप ले लिया था।(AP Photo)
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इन दंगों पर फिलहाल काबू पा लिया गया है। दंगाग्रस्त इलाकों में भारी संख्या में सुरक्षाबल की तैनाती की गई है। (PTI Photo)