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उत्तर पूर्वी दिल्ली में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर उपजी हिंसा ने देखते-देखते मजहबी रंग ले लिया। देश की राजधानी में हुए इस उपद्रव में अब तक 28 लोगों की मौत हो चुकी है। फिलहाल हिंसा पर काफी हद तक काबू पाया जा चुका है। उत्तर पूर्वी दिल्ली के हिंसा प्रभावित इलाकों में गृह मंत्रालय की तरफ से देखते ही गोली मार देने के आदेश भी जारी किए गए थे। इस हिंसा की काफी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुए। ऐसी ही एक तस्वीर ती जिसमें एक शख्स सरेआम गोलियां चलाते दिख रहा था।
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इस शख्स ने गोलियां दागते हुए दिल्ली पुलिस के एक जवान पर भी बंदूक तान दी थी। इस पूरी घटना की तस्वीरें और वीडियोज पर सोशल मीडिया में खूब हंगामा हुआ।
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तस्वीरें वायरल होने के बाद पुलिस ने इस शख्स को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने बताया था कि इस युवक का नाम शाहरुख है जो जाफराबाद का रहने वाला है।
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अब सोशल मीडिया में इस तरह की बातें वायरल की जाने लगीं कि इस शख्स का नाम शाहरुख नहीं अनुराग मिश्रा है।
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कुछ लोग पुलिस पर प्रोपेगेंडा के तहत झूठ बोलने का आरोप लगा रहे हैं।
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ऐसे लोग शाहरुख की तस्वीर के साथ अनुराग डी मिश्रा नाम एक फेसबुक प्रोफाइल की तस्वीरें शेयर करते हुए ये साबित करने की कोशिश कर रहे हैं कि शख्स का नाम शाहरुख नहीं अनुराग है।
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कुछ इस तरह से भी सोशल मीडिया में गलत जानकारी फैलाई जा रही है।
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हालांकि ऐसे लोगों द्वारा किया जा रहा ये दावा गलत है। जिस अनुराग मिश्रा की तस्वीर से गिरफ्तार शख्स की तुलना की जा रही है वो देखने में उससे काफी अलग है। यहां तक कि पुलिस ने गोली चलाने वाले शख्स को 24 फरवरी को ही गिरफ्तार कर लिया था। जबकि अनुराग मिश्रा की फेसबुक प्रोफाइल पर चंद घंटों पहले के लाइव वीडियो मौजूद हैं।
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इन वीडियोज में अनुराग बोलते दिख रहे हैं कि उन्हें शाहरुख बताकर भ्रम फैलाया जा रहा है।
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अनुराग का कहना है कि जो लोग भी इन सब चीजों में शामिल हैं उनके खिलाफ वह सख्त कार्रवाई करेंगे।