
नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध में दिल्ली के शाहीन बाग में पिछले करीब 2 महीनों से लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। शाहीन बाग का प्रदर्शन देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसपर राजनीति भी खूब हो रही है। दिल्ली विधानसभा चुनाव में तो शाहीन बाग बड़ा मुद्दा रहा। इन सबके बीच शाहीन बाग प्रदर्शन से एक शख्स की चर्चा सोशल मीडिया में खूब हो रही है। इस शख्स का नाम है डीएस बिंद्रा। डीएस बिंद्रा शाहीन बाग में प्रदर्शनकारियों के लिए काफी दिनों से लंगर चला रहे हैं। लंगर चलाने का खर्च उठाने के लिए बिंद्रा ने अपना फ्लैट भी बेच दिया। -
डीएस बिंद्रा दिल्ली के ही कड़कड़डूमा कोर्ट में एडवोकेट हैं। वह पत्नी और दो बच्चों के साथ दिल्ली में ही रहते हैं।
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मीडिया से बात करते हुए बिंद्रा ने बताया कि शाहीन बाग में लंगर चलाने का आइडिया उनके बच्चों ने उन्हें दिया था।
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लंगर चलाने के लिए डीएस बिंद्रा के पास कैश की किल्लत आई तो उन्होंने अपना फ्लैट बेच दिया।
दरअसल डीएस बिंद्रा का कहना है कि उनके पास तीन फ्लैट थे। फ्लैट बेचने की बात पर पहले तो पत्नी ने आपत्ति जताई लेकिन बाद में मान गईं। -
बिंद्रा का कहना है कि लंगर चलाना सेवा का काम है। आज हम दूसरों की मदद कर रहे हैं कल कोई हमारी करेगा।
सोशल मीडिया में डीएस बिंद्रा की जमकर तारीफ हो रही है। लोग लिख रहे हैं कि जो लोग सोचते हैं कि इंसानियत मर गई है वो बिंद्रा से आकर मिल सकते हैं। -
वहीं कुछ लोग बिंद्रा की इस सेवा को राजनीति से जोड़ रहे हैं। ऐसे लोग उन्हें असदुद्दीन औवेसी की पार्टी AIMIM का सदस्य बता रहे हैं।