-
नागरिकता संशोधन कानून (CAA), एनआरसी(NRC) और नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर(NPR) के खिलाफ पिछले 100 दिनों से शाहीन बाग (Shaheen Bagh) में चल रहे विरोध प्रदर्शन को मंगलावर(24 मार्च) को दिल्ली पुलिस ने खत्म करवा दिया है। भारी संंख्या में पुलिस बल प्रदर्शन स्थल पर पहुंची औऱ वहां से सारे टेंट, तख्त और पोस्टर बैनर को उठा ले गई। इस कार्रवाई में कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया है।
-
कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए पूरी दिल्ली में धारा 144 लागू है। लोगों से घरों में ही रहने को कहा जा रहा था। बावजूद इसके कुछ लोग शहीन बाग में प्रदर्शन पर बैठे थे।
-
शाहीन बाग में प्रदर्शनकारियों का हटाए जाने के बारे में दिल्ली पुलिस का कहना है देश ही नहीं विश्व भर में कोरोना का संकट गहरा चुका है। ऐसे में इस तरह के प्रदर्शन से लोगों को खतरा हो सकता है।
-
दिल्ली पुलिस के साथ पैरामिलिट्री फोर्स भी प्रदर्शनस्थल खाली करवाने पहुंची थी।
-
शाहीन बाग के प्रदर्शन में महिलाओं की बहुलता को देखते हुए दिल्ली पुलिस की महिला पुलिसकर्मी भी तैनात की गई थीं।
-
पुलिस मौके पर क्रेन और ट्रक लेकर पहुंची थी। इसकी मदद से वहां लगे तंबू, तख्त औऱ पोस्टर बैनर सब हटवा दिए गए।
-
-
शाहीन बाग सागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनों का प्रतीक बन चुका था। शाहीनबाग पर जमकर राजनीति भी हुई।
-
अब जब शाहीन बाग के प्रदर्शन को 100 दिनों बाद खत्म करवा दिया गया है तो सोशल मीडिया में भी इसको लेकर प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।
-
कुछ लोग लिख रहे हैं कि आखिरकार पुलिस ने 100 दिन बाद शाहीनबाग वालों को आजादी दे ही दी। वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो लिख रहे हैं कि धरना स्थल को पहले ही खाली हो चुका था।