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लॉकडाउन के ऐलान के बाद दिल्ली से हजारों मजदूर अपने घरों की तरफ चल पड़े। सरकार ने बड़ी संख्या में ऐसे लोगों के पलायन को देखते हुए रविवार ( 29 मार्च) को तय किया कि जो भी लॉकडाउन के दौरान यात्रा कर रहा है उसे सरकारी व्यवस्था में 14 दिन के लिए क्वैरन्टाइन में रखा जाएगा। तस्वीर आनंद बिहार बस अड्डे की है जहां बसों के इंतजार में जमा हुई भीड़ के सामान को सैनिटाइज किया जा रहा है।
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भारी संख्या में दिहाड़ी कामगारों के पलायन के दोखते हुए सरकार ये भी सुनिश्चित कर रही है कि जिस राज्य में भी ऐसे लोग रह रहे हैं वहां की सरकारें इनके लिए वहीं पर जरूरी सहायता करे। साथ ही मकान मालिकों को आदेश दिया जाए कि किराए पर रह रहे ऐसे दिहाड़ी मजदूरों या विद्यार्थियों से मकान का किराया ना लिया जाए।
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लॉकडाउन में पलायन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने राज्य की सभी सड़कों पर सख्ती बढ़ा दी है। खासतौर पर बॉर्डर की तरफ जाने वाली सड़कों पर ध्यान दिया जा रहा है और वहां जो भी पैदल ही दूसरे राज्यों की तरफ बढ़ रहे हैं उन्हें वापस लौटाया जा रहा है।
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केंद्र की तरफ से राज्य सरकारों को आदेश जारी किए गए हैं कि ये सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी सड़क या हाइवे पर ना नजर आए।
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इससे पहले दिल्ली से यूपी-बिहार की तरफ लौट रहे लोगों के लिए गाजियाबाद प्रशासन ने 1500 बसों का इंतजाम किया जिससे कि लोगों को पैदल यात्रा ना करनी पड़े।
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भूखे प्यासे अपने घरों की तरफ निकले कुछ मजदूरों को NH 24 के किनारे लगे जंगली बेर के पेड़ से अपनी भूख मिटानी पड़ी।
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तस्वीर शनिवार शाम की है जहां गाजियाबाद के लालकुआं पर पलायन कर रहे मजदूरों की भीड़ नजर आ रही है।
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लॉकडाउन के बाद देश के तमाम हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग अपने गांवों की तरफ लौटते दिखे। लॉकडाउन में अपने घरों को निकले ऐसे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना भी करना पड़ा है।
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अपने गांवों की तरफ पलायन कर रहे लोगों की बढ़ती दिक्कतों को देखते हुए संबंधित राज्य सरकारों ने उनके लिए यातायात के साधन से लेकर खाने तक की व्यस्था की।