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दिल्ली के शाहीन बाग में करीब दो महीने से लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। ये लोग नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के खिलाफ 18 दिसंबर से सड़क पर हैं। इस विरोध प्रदर्शन की अगुआई शाहीन बाग की महिलाएं कर रही हैं। यहां बड़ी तादाद में महिलाएं CAA/NRC के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद कर रही हैं। अब शाहीन बाग में चल रहे इस प्रदर्शन से एक बुरी खबर सामने आई है।
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शाहीन बाग में दिल्ली की सर्द रात और कड़कड़ाती ठंड ने एक 4 महीने के मासूम की जान ले ली है।
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चार महीने का मोहम्मद जहान हर रोज शाहीन बाग के प्रदर्शन में शामिल होने अपनी मां के साथ आता था। लोगों के बीच वह काफी मशहूर था। लोग बारी-बारी से उसे अपनी गोद में लेते और गालों पर तिरंगा बनाते थे। लेकिन अब मोहम्मद जहान शाहीन बाग में नजर नहीं आएगा। पिछले हफ्ते हाड़ कंपा देने वाली सर्दी की चपेट में आने के कारण उसकी मौत हो गई। मृतक जहान अपने तीन भाई-बहनों में सबसे छोटा था। जहान की तस्वीर फिलहाल सामने नहीं आई है।
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मोहम्मद जहान का परिवार मूल रूप से यूपी के बरेली का रहने वाला है। जहान के पिता मोहम्मद आरिफ और मां नाजिया बटला हाउस इलाके में झुग्गी में रहते हैं। जहान की मौत के बाद अब आरिफ और नाजिया के दो बच्चे रह गए हैं। इसमें एक 5 साल की बेटी है और दूसरा डेढ़ साल का बेटा है।
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आरिफ कढ़ाई का काम करता है और शाम को ई-रिक्शा चलाता है। नाजिया को कम दिखाई देता है। वह पति की मदद करती है।
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मोहम्मद जहान की मौत पर सोशल मीडिया में लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे बलिदान बता रहे हैं तो वहीं कुछ लोगों की नजर में ये हत्या है।
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बता दें कि CAA/NRC के खिलाफ शाहीन बाग में चल रहा प्रदर्शन चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
8 फरवरी को होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव में शाहीन बाग का प्रदर्शन सबसे अहम मुद्दा बन चुका है। -
शाहीन बाग में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होकर CAA औऱ NRC के खिलाफ विरोध का डंका बजाए हुए हैं। देखें शाहीन बाग में चल रहे विरोध प्रदर्शन की कुछ और तस्वीरें..
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दिल्ली के शाहीन बाग में सीएए के विरोध में धरने पर बैठी महिलाएं। (AP Photo)
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शाहीन बाग में लगातार जारी है विरोध प्रदर्शन। (फाइल फोटो) Indian Express
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नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ पूरे देश में विरोध-प्रदर्शन जारी हैं। दिल्ली का शाहीन बाग इन आंदोलनों की पहचान बन चुका है। यहां की तर्ज पर सोमवार को मुंबई में भी आंदोलन शुरू हुआ। रविवार को गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली में विरोध जताने के लिए हजारों लोग जुटे। भीड़ वाली तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। गणतंत्र दिवस के अवसर पर महिलाओं ने हाथों में तिरंगा लेकर अपना विरोध जताया। रैली में उमड़ी भीड़ की तस्वीरें ट्वीट कर लोग इस प्रदर्शन को प्रायोजित बताने वालों पर निशाना साध रहे हैं। खासकर उन लोगों पर जिन्होंने आरोप लगाया था कि पांच-पांच सौ रुपये लेकर महिलाओं को धरना स्थल पर बैठाया जा रहा है।
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चौधरी मोहम्मद अहमद @Ahmad_Aligarian ने यह तस्वीर अपने टि्वटर अकाउंट पर शेयर की है और लिखा है, "रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने वो नोट नहीं छापा जो शाहीन बाग की बहनों को खरीद सके।"
सानिया अहमद @SaniaAhmad1111 ने दिल्ली के शाहीन बाग की तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा, "आज शाहीन बाग में मौजूद सभी लोगों को पांच-पांच सौ रुपये देने की कोशिश करो।" उनके इस ट्वीट पर संवर अली @advsanwar ने लखनऊ के घंटाघर की यह तस्वीर शेयर की है। शाहीन बाग में मौजूद लोग फोटो- इंडियन एक्सप्रेस शाहीन बाग में मौजूद लोग फोटो- इंडियन एक्सप्रेस -
इंदिरा जयसिंह और कंगना रानौत की तू तू मैं मैं भी शाहीन बाग की कहानी को किनारे नहीं कर पाती है।
शाहीन बाग प्रोटेस्ट फोटो- इंडियन एक्सप्रेस दिल्ली के शाहीन बाग में नागरिकता कानून के खिलाफ धरने पर बैठीं महिलाएं। (Express Photo: Tashi Tobgyal) -
देश के कई हिस्सों में नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं। लोग कई दिनों से सड़कों पर हैं। दिल्ली के शाहीन बाग से लेकर प्रयागराज के रौशन बाग तक में महिलाएं, पुरुष और बच्चे इस कानून के विरोध में डटे हैं। देश के कुछ हिस्सों में CAA और NRC के सपोर्ट में भी सड़को पर उतरे। हालांकि कानून का विरोध करने वालों की तादाद बहुत ज्यादा है।
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शाहीन बाग में विरोध करती महिलाएं (फोटो सोर्स: इंडियन एक्सप्रेस)