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योगगुरु बाबा रामदेव सहित कई बाबाओं के गृह मंत्रालय ने जेड श्रेणी की सुरक्षा दे रखी है। इनमें स्वामी चक्रपाणि और बाबा आशुतोष महाराज भी शामिल हैं। हालांकि नाबालिग के यौन उत्पीड़न के आरोप में जेल में बंद आसाराम की सुरक्षा हटा ली गई है फिर भी देश में ऐसे बाबाओं की कमी नहीं है जिन्हें भारी-भरकम सुरक्षा मिली हुई है। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें ऐसे ही कुछ बाबाओं के बारे में…
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2011 में योगगुरु बाबा रामदेव जिनके समर्थकों की तादाद राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर लाखों में है, दिल्ली के रामलीला मैदान में दो दिन की भूख हड़ताल पर बैठे थे, कि अचानक रात में दिल्ली पुलिस ने वहां पहुंचकर जबरन उनसे (रामदेव से) भूख हड़ताल खत्म कराने की कोशिश की क्योंकि तत्कालीन मनमोहन सरकार के साथ उनकी (बाबा रामदेव की) वार्ता विफल हो गई थी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बाबा रामदेव घटनास्थल से महिला के भेष में भाग खड़े हुए थे और बाद में वे रेलवे स्टेशन के पास मिले। बाद में सरकार ने रामदेव को जेड कैटेगरी की सुरक्षा दी। यहां तक कि रामदेव के योगा आश्रम और हरिद्वार स्थित फूड पार्क को भी जेड श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है।
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दूसरे स्वामी लक्ष्मानंद की माओवादियों द्वारा हत्या करने के बाद साल 2008 से शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती को जेड ग्रेड की सुरक्षा मिली हुई है। निश्चलानंद धर्मांतरण को लेकर ईसाई मिशनरियों की आलोचना करते रहते हैं। उन्हें (निश्चलानंद को) कथित तौर पर आतंकी संगठन अलकायदा से पोस्टकार्ड भी मिला है जिसमें उन्हें इस्लाम स्वीकार नहीं करने की सूरत में गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई है।
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राम रहीम के खिलाफ साध्वी के यौन शोषण मामले में आरोप सिद्ध हुआ है। इससे पहले भी उन पर कई तरह के आरोप हैं। उन पर साधुओं को नपुंसक बनाने जैसा गंभीर आरोप लगे हैं। इसके अलावा उन पर हत्या के आरोप भी हैं। उन पर डेरा के मैनेजमेंट कमेटी के मेंबर रणजीत सिंह की हत्या कराने का भी आरोप है। रणजीत सिंह की 10 जुलाई 2003 को हत्या कर दी गई। हत्या के बाद ये मामला भी अदालत में विचाराधीन है। इससे पहले 24 अक्टूबर 2002 को स्थानीय पत्रकार को गोलियों से भून दिया गया था।
स्वामी चक्रपाणि जिन्होंने 9 दिसंबर 2015 को मुंबई में आयोजित एक नीलामी में अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहिम की कार को जीता, ने उसे (नीलामी में खरीदी गई कार को) गाजियाबाद में सबके सामने जला दिया था। चक्रपाणि ने हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री को एक पत्र लिखा जिसमें उन्होंने डी-कंपनी से धमकी मिलने की बात कही है। हालांकि इसके बाद चार लोगों को गिरफ्तार किया गया जो उनपर (चक्रपाणि पर) हमला करने की योजना बना रहे थे। सिख समुदाय ने आशुतोष महाराज पर कथित तौर पर उनकी धार्मिक भावनाओं को भड़काने का आरोप लगाया है। उसके साथ ही सिख समुदाय ने आशुतोष महाराज पर सिख शिक्षा पद्धति को ग़लत करीके पेश करने, सिख संप्रदाय और गुरुओं के खिलाफ नकारात्मक टिप्पणी करने का आरोप लगाया है। कई हिंसक झड़पों के बाद आशुतोष महाराज को 2009 से जेड + श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है। 29 जनवरी 2014 को, जब उनकी उम्र 70 साल थी उस वक्त उन्हें क्लीनिकली मृत घोषित कर दिया गया। लेकिन उनके अंधभक्तों की वजह से उन्हें (आशुतोष महाराज को) आध्यात्मिक तौर पर 100 एकड़ में फैले डीजेजेएस परिसर में जीवित रखा गया है। हालांकि अलग-अलह रिपोर्टों के मुताबिक उनकी (आशुतोष महाराज की) सुरक्षा जेड श्रेणी से कम कर दी गई है। -
आसाराम पर 16 साल की लड़की का यौन उत्पीड़न करने का आरोप है