
गुजरात हाई कोर्ट ने शुक्रवार को हार्दिक पटेल को नौ महीने बाद देशद्रोह के केस में जमानत पर रिहा कर दिया। हार्दिक के खिलाफ अहमदाबाद और सूरत में देशद्रोह के केस दर्ज हैं। हार्दिक को इस शर्त पर जमानत दी गई है कि वो अगले छह महीने तक गुजरात से बाहर रहेंगे। कोर्ट ने यह माना कि किसी भी हिंसा में शामिल होने को लेकर हार्दिक के खिलाफ कोई सबूत पेश नहीं किए गए हैं। कोर्ट ने कहा कि अगर जमानत मिलती है तो वह शांति और लोकतांत्रिक ढंग से प्रदर्शन करेंगे और राज्य में किसी भी प्रकार से कानून व्यवस्थता को नहीं बिगाड़ेंगे। इस खबर के मितले ही पाटीदार अनामत आंदोलन समिति (पास) के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर जश्न मनाना शुरु कर दिया। -
खबर है कि हार्दिक छह महीने के लिए उत्तर प्रदेश में बस सकते हैं। (Source: Express photo )
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हार्दिक से उल्ट समिति के दूसरे कार्यकर्ता जिन्हें देशद्रोह के केस में पहले जमानत दी गई थी। चिराग पटेल, केतन पटेल, अमरीश पटेल को गुजरात में ही रहने का हुक्म सुनाया गया था। (Source: Express photo )
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हार्दिक को लोकसभा चुनाव लड़ने के योग्य होने के लिए अभी दो साल का और वक्त लगेगा। (Source: Express photo )
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हार्दिक बेल के शर्त के अनुसार छह महीने के लिए गुजरात छोड़ने से पहले अगले 48 घंटों में गुजरात के विभिन्न शहरों का दौरे करेंगे। (Source: Express )
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सूरत समिति के सह सयोजक धार्मिक मालवीय ने बताया कि 30 लोगों की एक टीम का गठन किया गया है जो हार्दिक के साथ अगले 48 घंटे तक रहेंगे। (Source: Express )
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हार्दिक को बेल मिलने की खुशी में समिति ने शुक्रवार को एक बड़ा रोड शो भी निकाला। (Source: Express )
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मंगलवार को जेल से लिखे अपने अंतिम पत्र में हार्दिक ने पटेल समुदाय से अपील की थी कि जश्न के दौरान कोई भी अप्रिय घटना नहीं होनी चाहिए। (Source: Express Photo )
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समीति के अलावा बीजेपी एमएलए नलिन कोटादिया भी हार्दिक का स्वागत करने जेल के बाहर खड़े थे। नलिन ने पाटीदार समुदाय से अपील की है कि बड़ी संख्या में बिना किसी डर के इस रोड शो में शामिल हों। (Source: Express Photo )
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पुलिस ने रोड शो की इजाजत दे दी थी लेकिन हार्दिक को जनसभा करने की अनुमति नहीं दी गई। (Source: Express )