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2012 Delhi Gang Rape and Murder Case Convicts Hanging: दिल्ली गैंगरेप के चारों दोषियों को फांसी दे दी गई है। 20 मार्च को सुबह 5.30 बजे चारों को फंदे पर लटकाया गया। बता दें कि दिल्ली गैंगरेप की घटना से पूरा देश आक्रोशित हो गया था। घटना के 7 साल 3 महीने और 4 दिन बाद दोषियों को उनके अंजाम तक पहुंचा दिया गया। इस फांसी का इंतेजार पीड़िता के परिवार के साथ ही देशभर में तमाम लोगों को था। फांसी दिए जाने से कुछ ही मिनट पहले अंतिम इच्छा जाहिर करते हुए चारों दोषियों में से मुकेश सिंह ने कहा कि वह अंगदान करना चाहता है जबकि विनय शर्मा ने कहा कि वह अपनी पेंटिंग्स जेल अधीक्षक को और हनुमान चालीसा अपने परिवार को देना चाहता है। बता दें कि विनय जेल में पेंटिंग्स बनाता था। बाकी के दो दोषियों पवन गुप्ता और अक्षय कुमार ने किसी तरह की कोई अंतिम ख्वाहिश पेश नहीं की। इससे पहले भी फांसी के कुछ मामले ऐसे थे जो काफी चर्चित रहे। आइए जानते हैं क्या थी फांसी पर लटके उन अपराधियों की अंतिम इच्छा।
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मुंबई में 26/11 को हुए आतंकी हमले के दोषी कसाब को येरवदा जेल में फांसी हुई थी। उससे जब अंतिम इच्छा पूछी गई तो उसने कहा था कि उसके मौत की खबर उसकी मां नूरी को जरूर दे दी जाए। जेल अधिकारियों की सूचना पर पाकिस्तान में भारतीय उच्चायोग के लोग सक्रीय हुए और उसकी मां तक कसाब की खबर पहुंचाई।
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मुंबई सीरियल ब्लास्ट के आरोपी याकूब मेनन ने फांसी पर चढ़ने से पहले अपनी बेटी जुबैदा से बात करने की अंतिम इच्छा जताई थी। जेल अधिकारियों ने उसकी ये इच्छा पूरी की थी। याकूब ने बेटी से कहा था कि उसके जाने के बाद वह अपनी मां समेत पूरे परिवार का ध्यान रखे। उस बातचीत में याकूब ने अपनी वसीयत के बारे में भी बेटी को बताया था।

संसद पर हमले के आरोपी अफजल गुरु को तिहाड़ जेल में फांसी पर लटकाया गया था। उससे जब अंतिम इच्छा पूछी गई तो उसने एक कप चाय मांगी। चाय पीते हुए वह बादल फिल्म का गाना खुद के लिए जिये तो क्या जिये गुनगुना रहा था। थोड़ी देर बाद उसने एक कप चाय और मांगी। हालांकि उसे दूसरी कप चाय नहीं मिल पाई क्योंकि तब तक चायवाला जा चुका था। -
कोलकाता जघन्य रेप कांड का दोषी धनंजय चटर्जी फांसी के ऐन पहले काली मां की पूजा कर रहा था। उसने अंतिम समय में जेल अघिकारियों के आगे ख्वाहिश जताई कि भक्ति गीत बजाए जाए। जेल अधिकारियों ने उसकी ये इच्छा पूरी करते हुए ना सिर्फ भक्ति गीतों का इंतजाम किया बल्कि उसके लिए काली मां की एक फोटो और और चंद फूल भी मुहैया कराए। फांसी के दौरान भी वहां भक्ति गीत बजते रहे थे।
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जुर्म की दुनिया में रंगा और बिल्ला शायद सबसे प्रचलित नाम थे। दोनों एक जघन्य रेप केस में फांसी की सजा दी गई थी। रंगा और बिल्ला ने कोई अंतिम इच्छा तो नहीं बताई थी लेकिन वहां कुछ ऐसा हुआ जिसकी चर्चा आज भी होती है। दरअसल फांसी पर लटकने के 2 घंटे बाद भी रंगा जिंदा रह गया था। उसे दोबारा से फांसी दी गई थी।