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Mamta Banerjee: तृणमूल कांग्रेस दल (TMC) की संस्थापक ममता बनर्जी (Mamta Banerjee) की लोकप्रियता को देखते हुए ही 2012 में टाइम मैग्जीन ने उन्हें 100 ताकतवर शख्सियतों में शामिल किया था। पश्चिम बंगाल की पहली महिला मुख्यमंत्री ममता की बड़ी उपलब्धि बंगाल की राजनीति पर सीपीएम (CPM) के लगभग 34 साल के शासन को खत्म करना था। एक बार तो ममता ने बंगाल की जनता को टीवी पर न्यूज न देखने की सलाह दे दी थी। इतना ही नहीं बंगाल के कई अंग्रेजी अखबरों पर भी उन्होंने बैन लगा दिया था। आइए जानें क्या था ये पूरा मामला।
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तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी अपने विवादास्पद बयानों को लेकर कई बार चर्चा में रहती हैं। उनकी लोकप्रियता में उनका काम और बयान दोनों शामिल है।
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एक बार विरोधी पार्टियों से ममता इतनी घबरा गई थीं कि उन्होंने बंगाल की जनता राज्य सरकार की लाइब्रेरी से अंग्रेजी अखबार पढ़ने की सुविधा ही छीन ली थी।
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इतना ही नहीं एक बार ममता ने पश्चिम बंगाल को एक नई थ्योरी समझाते हुए न्यूज़ चैनल न देखने की सलाह दी थी।
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इसके पीछे ममता ने जनता को बताया था कि विरोधी पार्टियों के दबाव में आकर टीवी चैनल उनके खिलाफ ख़बरें प्रसारित कर रहे हैं।
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उसी दौरान ममता ने राज्य-वित्त पोषित पुस्तकालयों से नामचीन अंग्रेजी के 8 दैनिक समाचार पत्रों को प्रतिबंधित कर दिया था।
उस वक्त करीब ढाई हजार राज्य वित्तपोषित पुस्तकालयों से अंग्रेजी अखबार हट गए थे। -
ममता बनर्जी के इस निर्णय ने बुद्धिजीवियों और विभिन्न राजनीतिक समूहों के गुस्से को भड़का दिया था।
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पश्चचिम बंगाल में विधान सभा चुनाव में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से लेकर मिथुन चक्रवर्ती ने ताबड़तोड़ रैलियां कर रहे हैं।
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टीएमसी की स्टार प्रचारक ममता बनर्जी हेलीकॉप्टर और व्हीलचेयर के सहारे रैलियों संबोधित कर रही हैं। (All Photos: PTI And Indian Express)