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सपा संरक्षक और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) ने अपने बेटे अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) की शिक्षा के लिए भले ही सिडनी भेजा था, लेकिन उनकी खुद की शिक्षा बहुत देर से शुरू हुई थी। झोपड़ी में पढ़े मुलायम सिंह यादव के पिता पहलवान थे और वह मुलायम को शिक्षा के साथ पहलवानी में भी माहिर करना चाहते थे। तो चलिए आज मुलायम सिंह यादव की प्रारंभिक शिक्षा, गुरु और पसंदीदा पहलवानी दांव के बारे में बताएं।
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पिता सुघर सिंह के तीसरे पुत्र मुलायम सिंह यादव जब पैदा हुए थे तो गांव के ही पंड़ित ने भविष्यवाणी की थी ये लड़का कुल का नाम रौशन करेगा। (<a href=" https://www.jansatta.com/photos/lifestyle-gallery/mulayam-singh-was-not-trusted-on-akhilesh-yadav-after-asking-janeshwar-mishra-took-the-decision-to-make-cm/1715514/ "> अखिलेश यादव पर नहीं था मुलायम सिंह यादव को भरोसा, इस नेता से पूछने के बाद लिया था सीएम बनाने का फैसला </a> )
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पंडित ने ही मुलायम के पिता से कहा था कि इस बच्चे को अच्छी शिक्षा दिलानी होगी। तब से उनके पिता ने ठान लिया था कि वह अपने बच्चे को जरूर पढ़ाएंगे।
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सैफई गांव के प्रधान महेंद्र सिंह उस वक्त इकलौते थोड़े बहुत पढ़े-लिखे व्यक्ति थे। मुलायम के पिता सुघर सिंह ने उनसे मुलायम को पढ़ाने की बात की। (<a href=" https://www.jansatta.com/photos/lifestyle-gallery/mulayam-singh-yadav-son-akhilesh-yadav-gave-up-touching-feet-at-the-behest-of-janeshwar-mishra/1714869/ "> सबके पैर छू लिया करते थे अखिलेश यादव, पिता मुलायम सिंह के इस दोस्त के कहने पर बदली आदत </a> )
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महेंद्र सिंह दिन भर घर-खेती का काम निपटाते और रात में चौपाल पर मुलायम को पढ़ाते थे। मुलायम को पढ़ता देख अन्य परिवारों ने भी अपने बच्चों को पढ़ने के लिए भेजना शुरू किया। बच्चों की रूचि को देखकर महेंद्र सिंह ने गांव वालों के साथ मिलकर एक झोपड़ी का इंतजाम किया और यहीं बच्चों को पढ़ने लगे।
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सपा के पारिवारिक विवाद का असर पिछले यूपी विधानसभा चुनाव के दौरान देखने को मिला था। (<a href="https://www.jansatta.com/photos/lifestyle-gallery/when-mulayam-singh-yadav-son-akhilesh-yadav-half-brother-prateek-yadav-dashed-sadhna-gupta-hopes/1761290/ ">अखिलेश यादव के सौतेले भाई प्रतीक यादव ने साधना गुप्ता की आस पर जब फेर दिया था पानी, कहा कुछ ऐसा की लगा था मां को धक्का </a> )
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मुलायम के पिता सुघर सिंह को शिक्षित करने के साथ एक बड़ा पहलवान बनाना चाहते थे। यही वजह थी कि उन्होंने पहलवानी भी सिखाई। मुलायम का मनपसंद दांव था चरखा दांव।
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अखिलेश यादव की बायोग्राफी ”विंड्स ऑफ चेंज” में वरिष्ठ पत्रतकार सुनीता एरॉन मुलायम के चचेरे भाई प्रो. राम गोपाल यादव के हवाले से बताया है कि मुलायम भले ही छोटे कद के थे लेकिन भारी-भरकम पहलवान भी उनके ‘चरखा दांव’ से चित हो जाते थे। (All Photos: PTI and Social Media)