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Fight With Covid-19: कोरोना वायरस की जंग में जहां कुछ लोग सरकार के नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं और समस्याएं खड़ी कर रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर तमाम ऐसे भी हैं इस संकट की घड़ी में एक दूसरे का साथ दे रहे हैं। इन मुश्किल हालात में हमारी तीनों सेना के जवान भी जीजान से लगे हुए हैं और अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं। हाल ही में केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में कोरोना वायरस को मात देने के लिए आईटीबीपी, भारतीय वायु सेना और आर्मी ने एक खास ऑपरेशन को अंजाम दिया था, जिसमें बर्फीली पहाड़ियों के बीच रह रहे लोगों के हर घर तक मास्क, सैनेटाइजर और राशन पहुंचाने की चुनौती थी। जवानों ने इस चुनौती को सहजता से स्वीकारा और लोगों तक जरूरत का सामान पहुंचाया। तस्वीरों में देखिए जवानों का अदम्य साहस और गरीबों के प्रति उनका सेवा भाव। (All Photos- ITBP)
ITBP के पास PPI, मास्क और क्वारेंटीन सेंटर तैयार करने अच्छा अनुभव है। यही वजह है कि इस ऑपरेशन में ITBP के जवानों ने एक नोडल एजेंसी की भूमिका निभाई। लद्दाख की चोटियां बर्फ से ढकी हुई थीं और गांव तक पहुंचने के रास्ते भी बंद थे, ऐसे में लोगों तक पहुंचना मुश्किल था। इसके लिए भारतीय वायुसेना और सेना की मदद ली गई। इन तीनों ने मिलकर कोरोना के खिलाफ लड़ाई शुरू की। सुरक्षा बलों की टीमें हर गांव तक पहुंचने में कामयाब हुईं। जवानों ने यहां रह रहे लोगों के सेंपल लेकर उन्हें जांच के लिए दिल्ली भी भेजा। राहत एवं मेडिकल सामग्री लेकर तीन से चार हवाई जहाज लेह में उतरे। इसके बाद आईटीबीपी और सेना के जवानों ने डोर टू डोर पहुंचकर वह सामग्री वितरित की। लद्दाख के सांसद जामयांग शेरिंग व उनकी टीम ने भी इस ऑपरेशन में मदद की है। नतीजा, अब वहां पर कोरोना के 18 मरीजों में से 14 ठीक होकर अपने घर जा चुके हैं। -
ITBP के जवानों की 19 वीं बटालियन ने सरहान जिला किन्नौर, हिमाचल प्रदेश के सपीलो के पास गरीब मजदूरों एवं बच्चों को राशन, दाल, चीनी, दूध, सब्जी आदि चीजें बांटी है। बटालियन की ओर से 9560070212 हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है।
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बटालियन के जवानों ने मोरांग में डेली यहां रह रहे प्रवासी मजदूरों को खान खिला रही है। पहाड़ी इलाकों में आईटीबीपी भंडारा लगाकर मजदूरों को भोजन उपलब्ध करा रही है। चमोली जिले से लगी भारत-तिब्बत सीमा क्षेत्र के गांवों में लॉक डाउन के चलते करीब 120 दिहाड़ी मजदूर मौजूद हैं। कोरोना देश के तमाम हिस्सों में पैर पसार चुका है। इस प्रभाव से कमजोर वर्ग के लोगों की रोजी रोटी ठप्प हो पड़ी है। ऐसे में जवान ही इनकी जिंदगी का गुजारा कर रहे हैं।
हाल ही में आईटीबीपी ने भी बड़ा ऐलान किया है। आईटीबीपी (ITBP) की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि जवान अपने एक दिन की सैलरी दान करेंगे। -
इंडो तिब्बत बॉर्डर पुलिस के जवान अपने एक दिन की सैलरी प्रधानमंत्री केयर फंड में जमा करेंगे।
इस मदद के कारण कुल 10 करोड़ 53 लाख 58 हजार 4 सौ 79 रुपये जमा हो सकेंगे। -
जवानों के लिए हमेशा देश सर्वोपरि रहा है। वे न दिन देखते और न रात, चाहे बारिश हो या भूकंप आए इनके लिए लोगों की सुरक्षा सबसे पहले रहती है।
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ITBP के महानिदेशक एस एस देसवाल ने कहा, हमारे हिमवीरों ने अपनी सेवा चरणों के दौरान स्वयं से ऊपर उठकर देश की सेवा की है और हमेशा करते रहेंगे।