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भारतीय सिनेमा में पहला किसिंग सीन अपने समय में एक बड़ा सनसनीखेज मोड़ था। यह सीन फिल्म ‘कर्मा’ (1933) में दिखाई दिया, जिसमें देविका रानी और हिमांशु राय ने मुख्य भूमिका निभाई थी। कहा जाता है कि यह सीन लगभग चार मिनट लंबा था और उस समय के समाज के लिए बेहद साहसिक माना गया। भारतीय समाज उस दौर में काफी रूढ़िवादी था, इसलिए इस प्रकार का दृश्य प्रदर्शित करना अत्यंत चुनौतीपूर्ण था। (Still From Film)
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देविका रानी, जिन्हें भारतीय सिनेमा की ‘फर्स्ट लेडी’ के रूप में जाना जाता है, ने यह सीन अपने वास्तविक जीवन के पति हिमांशु राय के साथ किया। इस वजह से इसे कुछ हद तक स्वीकार्यता मिली, लेकिन तब भी यह दृश्य विवादों से मुक्त नहीं रहा। यह सीन भारतीय सिनेमा में एक साहसिक कदम था जिसने सामाजिक मान्यताओं को चुनौती दी और इतिहास में अपनी अलग पहचान बनाई। (Still From Film)
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फिल्म ‘कर्मा’ की जानकारी
‘कर्मा’ एक दोभाषी फिल्म थी, जिसे J.L. Freer Hunt ने निर्देशित किया। यह एक भारत-जर्मनी-ब्रिटेन सहयोगी प्रोडक्शन थी। फिल्म में देविका रानी और हिमांशु राय के बीच किसिंग सीन दिखाया गया, जिसे कई बार चार मिनट का बताया गया, लेकिन वास्तव में यह सीन दो मिनट से भी कम लंबा था। (Still From Film) -
फिल्म की कहानी एक राजकुमारी (देविका रानी) और एक पड़ोसी राजकुमार के प्रेम की है, जिसे राजकुमार के पिता स्वीकार नहीं करते। देविका रानी, जो नोबेल पुरस्कार विजेता रबींद्रनाथ टैगोर की भतीजी थीं, पहले से ही हिमांशु राय के साथ पेशेवर रूप से जुड़ी हुई थीं। उनकी प्रतिभा से प्रभावित होकर, राय ने उन्हें इस फिल्म में कास्ट किया। (Still From Film)
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फिल्म में अब्राहम सोफार ने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जबकि स्क्रीनप्ले हिमांशु राय और Freer Hunt ने लिखा। संगीत जर्मन संगीतकार अर्नेस्ट ब्रॉडहर्स्ट ने तैयार किया। देविका रानी ने फिल्म के हिंदी संस्करण में भी एक गाना रिकॉर्ड किया। (Still From Film)
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अंतरराष्ट्रीय प्रोडक्शन और रिलीज
‘कर्मा’ अलम आरा (1931) के दो साल बाद बनी और इसे मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय दर्शकों को ध्यान में रखकर बनाया गया। पूरी फिल्म भारत में शूट की गई थी, जबकि पोस्ट-प्रोडक्शन लंदन के स्टोल स्टूडियोज में किया गया। यह हिमांशु राय द्वारा निर्मित पहली टॉकी फिल्म थी। (Still From Film) -
फिल्म ने मई 1933 में लंदन में प्रीमियर किया। देविका रानी के अभिनय की लंदन में आलोचकों ने सराहना की। लेकिन जब फिल्म का हिंदी संस्करण ‘नागन की रागिनी’ के नाम से भारत में रिलीज़ हुआ, तो भारतीय दर्शकों पर इसका प्रभाव सीमित रहा। (Still From Film)
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विवाद और विरासत
कर्मा भारत की उन पहली फिल्मों में से थी जिसमें ऑन-स्क्रीन किसिंग दिखाई गई। देविका रानी और हिमांशु राय के बीच यह किसिंग सीन, जिसे अक्सर चार मिनट बताया जाता है, भारतीय सिनेमा का सबसे लंबा किसिंग सीन भी माना जाता है। फिल्म के रिलीज़ होने पर यह दृश्य तब के रूढ़िवादी समाज में विवाद का कारण बना। (Still From Film) -
हालांकि फिल्म रिलीज के समय भारत में अधिक ध्यान नहीं खींच पाई, फिर भी कर्मा भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक मील का पत्थर बन गई। 2012 में द टाइम्स ऑफ इंडिया ने इसे “पहली भारतीय टॉकी फिल्म जिसमें अंग्रेजी संवाद थे और जिसने लंदन में सबको हैरान कर दिया” के रूप में याद किया। (Still From Film)
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