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सुपरस्टार रजनीकांत को आज पूरी दुनिया जानती है। 66 साल की उम्र में भी वह फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय हैं और उनका जलवा जस का तस बरकरार है। रजनीकांत फिलहाल अपनी अपकमिंग फिल्म '2.0' की शूटिंग में व्यस्त हैं। 400 करोड़ रुपए के बजट में बन रही इस फिल्म को भारत की अब तक की सबसे महंगी फिल्म बताया जा रहा है। '2.0' को अगले साल 25 जनवरी को रिलीज करने की योजना है। खैर, आज रजनीकांत जिस मुकाम पर हैं, वह चुनिंदा लोगों को ही हासिल हो पाता है। शायद आप जानते होंगे कि रजनीकांत अपने युवा दिनों में बस कंडक्टर हुआ करते थे। दिलचस्प यह है कि रजनीकांत बस कंडक्टर के रूप में भी बहुत पॉपुलर थे। आइए जानते हैं क्या था पूरा किस्सा।
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रजनीकांत का जन्म 12 दिसंबर 1950 को बेंगलुरू में हुआ था।
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रजनीकांत के माता-पिता ने उन्हें 'शिवाजी राव गायकवाड़' नाम दिया था।
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शिवाजी राव गायकवाड़ यानि रजनीकांत के पिता रामोजी राव गायकवाड़ एक हवलदार थे।
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रजनीकांत के बचपन में ही उनकी मां जीजाबाई की मौत हो गई थी।
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रजनीकांत अपने कुल चार भाई-बहनों में सबसे छोटे थे।
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घर की माली हालत ठीक ना होने पर रजनीकांत ने कुली के तौर पर काम करना शुरू कर दिया।
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इसके बाद वह बेंगलुरू परिवहन सेवा (बीटीएस) में बस कंडक्टर बन गए।
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बस यात्रियों को टिकट के मामले में रजनीकांत बहुत फुर्तीले थे।
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रजनीकांत यात्रियों को एक खास अंदाज में टिकट और खुल्ले पैसे दिया करते थे।
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उनका यह अंदाज बस यात्रियों के बीच बहुत ही पॉपुलर हो गया।
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इतना पॉपुलर की कई यात्री 'बस कंडक्टर' शिवाजी राव गायकवाड़ यानि रजनीकांत के आए बिना जाते ही नहीं थे।
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बताया जाता है कि उन दिनों 'बस कंडक्टर' रजनीकांत की बस खचाखच भरी हुई, जबकि दूसरी कई बसें खाली जाती थीं।