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बॉलीवुड की खूबसूरत हसीनाओं के देश विदेश में चर्चे हैं। पूरा हिन्दी सिनेमा परियों जैसी सुंदर अदाकारों से भरा है। बॉलीवुड का चाहे अब का समय हो या वो बीता वक्त जो आज गोल्डन डेज भी कहलाता है, पुराने गाने जो हिट थे और हमेशा रहेंगे, पुराने एक्टर एक्ट्रेसिस जो हमेशा एवरग्रीन रहेंगे। आज उनमें से कुछ ऐसे चेहरे भी हैं जो वक्त के साथ गुमनामी के किसी अंधेरे में खो गए हैं।
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आशा पारेख अपने जमाने की एक बेहतरीन अदाकारा थीं। आशा ने अपनी प्रतिभी के दम पर एक अलग मुकाम हासिल किया। उन्हें इस दौरान कई असफलताओं का मुंह भी देखना पड़ा था। आशा ने अपने करियर की शुरुआत 1952 में आई फिल्म आसमान से बाल कलाकार के रूप में की थी।
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वैजयंती माला: हिंदी सिनेमा की खूबसूरत और टैलेंट से भरपूर हीरोइन वैजयंती माला एक ऐसी अदाकारा थीं, जिसे क्लासिकल डांस में महारत हासिल था।
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साधना शिवदासानी: अपने जमाने की जबरदस्त अदाकाराओं में से साधना भी एक अदाकारा रहीं। साधना का जन्म पाकिस्तान के कराची में हुआ था। भारत के विभाजन के बाद वह 7 साल की उम्र में अपने परिवार के साथ भारत आईं। इसके बाद वह बंबई (अब मुंबई) में बस गईं। साधना ने 1955 में राज कपूर की फिल्म 'श्री 420' में एक छोटी सी भूमिका के साथ फिल्मों में एक बाल कलाकार के रूप में काम किया।
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राखी: हिन्दी सिनेमा में एक ऐसा नाम जो आज कहीं सुनाई नहीं देता, जिसका चेहरा आज कहीं दिखाई नहीं देता। राखी गुलजार वो नाम है। लाखों करोड़ों दिलों की धड़कन बन कर रहने वाली राखी को आज भुला दिया गया है। राखी की प्यारी सी मुस्कुराहट की दुनिया दीवानी थी। आज राखी मुंबई से 50 किलोमीटर दूर पनवेल स्थित एक घर में बी-टाउन की चमक-दमक से दूर हैं। आज वो लोगों से पहले की तरह बात नहीं करती। उन्हें अब अकेले रहना पसंद है। वह किसी से भी कम बात करती हैं और अपनी दुनिया में खोई रहती हैं। लाइमलाइट से दूर रहते उन्हें करीब 7 साल हो गए हैं।
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बबीता कपूर : अपने जमाने की ग्रेसफुल एक्ट्रेसिस में से एक बबीता शिवदासानी कपूर आज के जमाने की बॉलीवुड स्टनिंग सिस्टर करिश्मा-करीना की मां हैं। 1971 में रणधीर कपूर से शादी के बाद उन्होंने एक्टिंग करियर को बॉय-बॉय कह दिया था। इसके बाद 1988 में दोनों सेपरेट हो गए थे। लेकिन साल 2007 में दोनों फिर करीब आ गए।
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माला सिन्हा: माला सिन्हा प्रतिभा की धनी कलाकार थीं। जब वह 16 साल की थीं, तब आकाशवाणी के कलकत्ता केंद्र पर वह गाया करती थीं। उनके एक जानने वाले ने उन्हें एक्टिंग को करियर के तौर पर लेने की सलाह दी थी।
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वहीदा रहमान: वहीदा रहमान ने एक लंबे समय तक हिंदी सिनेमा के दर्शकों को अपनी सुंदरता, मासूम चेहरे और दिलकश अदाओं से बांधे रखा। वहीदा रहमान की अदाकारी इतनी रूहानी थी कि हर एक कलाकार उनके साथ काम करना चाहता था।
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तनूजा: बॉलीवुड के सुनहरे दिनों की अदाकारा तनूजा मुखर्जी काफी लंबे समय के बाद इन दिनों टीवी शो आरम्भ से टेलीवुड में डेब्यु करने जा रही हैं। इस शो में वह हनुमा के किरदार है, जो कि ड्रविड कुंभ कि गुरू हैं।