तुर्की सेना को पूरे देश पर तख्तापलट करने की कोशिश करना महंगा पड़ गया। तुर्की सेना द्वारा राष्ट्रपति रेचप तैयप अर्दोआन की सरकार का तख्तापलट करने की विफल कोशिश के बाद षड़यंत्रकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की गई, जिसके तहत देश के तीन शीर्ष जनरलों और सैकड़ों सैनिकों समेत तकरीबन 6000 लोगों को हिरासत में लिया गया है। ऐसे में उनहें अपनी नाकामयाबी के लिए बेइज्जी झेलनी पड़ी। गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा समेत विश्व नेताओं ने भी सत्ता पर कब्जा के सेना के एक धड़े की कोशिश की कड़े शब्दों में निंदा की थी और लेकिन बदले की कार्रवाई पर भी चिंता जताई।
बता दें कि तुर्की में तख्तापलट की साजिश में 6000 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि यह संख्या 6,000 से ज्यादा भी हो सकती है। इसके अलावा सरकार ने करीब 3000 न्यायाधीशों और अभियोजकों को उनके पद से बर्खास्त कर दिया है जबकि जांचकर्ता सरकार का तख्तापलट करने की कोशिश करने के आरोपों में षड़यंत्रकारियों के खिलाफ कोर्ट मामले तैयार कर रहे हैं।
हिरासत में लिए गए लोगों में सीनियर मिलिट्री कमांडर, शीर्ष न्यायाधीश, अभियोजक और अर्दोआन के एक सैन्य सलाहकार भी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त सरकार के विरोधी समझे जाने वाले अनेक न्यायाधीशों और अभियोजकों के खिलाफ भी गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए हैं।
AFP photographer says Turkey military has opened fire on crowds gathered at Istanbul bridge https://t.co/RY1FWel2ka pic.twitter.com/q968SYRJVk
— AFP news agency (@AFP) July 15, 2016
पिछले दिनों सेना के एक गुट ने आर्दोअन सरकार को पद से हाटकर खुद कब्जा करने का प्रयास किया था। इस दौरान सेना ने फाइटर प्लेन से हमले किए थे। लेकिन बाद में उनका तख्तापलट का प्रयास नाकाम रहा।
तख्तापलट की कोशिश में नाकाम रहे 103 जनरल और एडमिरल को हिरासत में ले लिया गया है। वहीं 9000 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया गया है जिसमें बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं।
