राजनेताओं की जुवान से अक्सर विवादित बयान सुनने मिलते ही रहते हैं लेकिन अब योग गुरु बाबा रामदेव की जुवान फिसल गई। उन्होंने इशाईयों को लेकर विवादित बयान दे डाला। उन्होंने कहा कि चैरिटी करने वाले ईसाई धर्मांतरण में भी बेहद संलिप्त हैं। ये बातें योग गुरू ने चैन्नई में आयोजित आठवें हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा मेला 2016 का रामदेव के दौरान कहीं। योग गुरू बाबा रामदेव ने मंगलवार को कहा कि ईसाइयों ने परोपकार किये हैं लेकिन साथ ही धर्मांतरण की गतिविधियों में भी शामिल रहे जबकि हिन्दुओं ने इस तरह की चीजों से परहेज किया। उन्होंने कहा, “ईशाई सेवा करते हैं, स्कूल, कॉलेज और अस्पताल चलाते हैं। इसके साथ ही धर्मांतरण भी कराते हैं।
हम मुफ्त में योग सिखाने सहित कई सेवा करते हैं। लेकिन हम किसी का धर्म परिवर्तन नहीं कराते हैं, लोगों के जीवन में बदलाव जरूर लाते हैं।” उन्होंने कहा कि लोगों को अक्सर ईसाइयों से चैरिटी सीखने के लिए कहा जाता है।
बाबा ने कहा कि हम लोग योग सिखाने सहित अन्य सेवाएं निशुल्क करते हैं लेकिन हम लोगों ने किसी का मजहब नहीं बदला बल्कि उनका जीवन बदला।” उन्होंने कहा कि लोग अक्सर ईसाइयों से परोपकार सीखने को कहते हैं लेकिन लाखों हिन्दू साधु और चैरिटेबल ट्रस्ट इसी तरह की सेवाएं प्रदान करते हैं।
इस दौरान बाबा ने इ, धारणा का भी खंडन किया कि हिंदुवाद किसी के भी साथ खास कर दलितों के साथ भेदभाव करता है। उन्होंने स्वदेशी उत्पादों के इस्तेमाल की वकालत की और कहा कि पतंजलि उत्पादों की बिक्री से होने वाली आय वह चैरिटी के लिए खर्च करेंगे।
