राजग में शामिल तेलुगू देशम पार्टी और विपक्षी वाईएसआर कांग्रेस के सदस्यों ने आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर मंगलवार को लगातार दूसरे दिन लोकसभा में नारेबाजी की। हालांकि सदन में सरकार ने आश्वासन दिया कि वह राज्य की जनता से किए गए वादों पर कायम है और जल्द ही समस्या का हल निकलेगा।

लोकसभा में सुबह से अपनी मांग को लेकर नारेबाजी कर रहे तेदेपा के सदस्य भोजनावकाश के उपरांत सदन की कार्यवाही शुरू होने के कुछ मिनट बाद भी अग्रिम पंक्ति में आकर नारेबाजी करने लगे। उस समय उपाध्यक्ष एम थंबिदुरै ने रेलवे से संबंधित एक सरकारी संकल्प पर चर्चा शुरू कराई थी और तृणमूल कांग्रेस के दिनेश त्रिवेदी अपनी बात रख रहे थे। तेदेपा सदस्यों के नारेबाजी करने पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा,‘मैंने बार बार कहा है कि सरकार ने आंध्र प्रदेश के लिए जो प्रतिबद्धता जताई थी, वह उस पर कायम है। इसका जल्द समाधान निकलेगा।’ हालांकि जेटली के बयान से असंतुष्ट तेदेपा सदस्यों ने नारेबाजी जारी रखी। वे सरकार से आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जा देने के लिए समयसीमा बताने पर जोर दे रहे थे।
उपाध्यक्ष थंबिदुरै ने सदस्यों से आग्रह किया कि वित्त मंत्री ने स्थिति स्पष्ट की है और लोकसभा अध्यक्ष से भी इस बाबत बातचीत हुई है। लिहाजा उन्हें नारेबाजी बंद कर देनी चाहिए। लेकिन तेदेपा सदस्यों का प्रदर्शन जारी रहा। संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने भी कहा कि वित्त मंत्री ने सदन में आश्वासन दिया है। आंध्र प्रदेश के सदस्यों की मांगों पर विचार-विमर्श जारी है और जल्द समाधान निकलेगा।

अनंत कुमार ने कहा,‘इतना समय सरकार को दिया जाना चाहिए। आंध्र प्रदेश के सदस्यों को वित्त मंत्री के आश्वासन के बाद सदन की कार्यवाही चलने देनी चाहिए।’ इस पर भी तेदेपा सदस्य नहीं माने और अनंत कुमार ने दोबारा कहा,‘मैं एक बार फिर अपने आंध्र के मित्रों को आश्वासन देता हूं कि आंध्र की जनता से सरकार ने जो वादा किया था, उस पर वह प्रतिबद्ध है। थोड़ा समय और दीजिए जिसमें हम समाधान कर सकेंगे। सदस्यों को इस अनुरोध को मानना चाहिए।’ अनंत कुमार के आश्वासन के बाद सदस्यों ने नारेबाजी बंद कर दी।

इससे पहले सुबह प्रश्नकाल शुरू होते ही तेदेपा के सदस्य सदन में पोस्टर लिए हुए आए और अग्रिम पंक्ति में आकर अपनी मांग के साथ नारेबाजी करने लगे। उधर वाईएसआर कांग्रेस के सदस्य आसन के समीप आकर तेलंगाना से अलग होने के बाद शेष आंध्र प्रदेश के लिए विशेष दर्जे की अपनी मांग दोहराने लगे। उनके हाथों में भी पोस्टर थे। सदस्यों के व्यवहार से नाराजगी जताते हुए लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने उनसे कहा, ‘मैं आपको इस विषय को शून्यकाल में उठाने का अवसर दूंगी लेकिन इस तरह से बात नहीं रखी जा सकती।’
उन्होंने यह भी कहा कि क्या इस तरह चिल्लाने से समस्या का समाधान होगा। नियम के तहत विषय को उठाने की अनुमति दी जा सकती है। आपका व्यवहार खेदपूर्ण है। लोकसभा अध्यक्ष ने हंगामे के बीच ही प्रश्नकाल की कार्यवाही संचालित की और आवश्यक दस्तावेज पटल पर रखवाए। शून्यकाल में भी आंध्र प्रदेश के सदस्यों के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दो बार 15-15 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। अध्यक्ष ने कहा कि नारेबाजी कर रहे सदस्य अपनी सीटों पर जाएं तभी वे उन्हें अपनी बात रखने का मौका देंगी।