राज्य सभा ने बुधवार को ऐतिहासिक GST बिल पास कर दिया। बिल पर वोटिंग के दौरान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग सिस्टम की कारगुजारी ने सदस्यों को ठहाके लगाने पर मजबूर कर दिया। दरअसल, मशीन हर अनुच्छेद या संशोधन पर वोट के दौरान कुल वोटों की संख्या में बदलाव दिखा रही थी। जब बिल का प्रस्ताव सदन में वाेटिंग के लिए रखा गया, तो पक्ष में वोटों की संख्या 197 रही, जबकि विपक्ष में कोई वोट नहीं पड़ा। मगर जब अनुच्छेद दो पर वोटिंग हुई तो मशीन ने पक्ष में 200 और विपक्ष में शून्य दिखाया। अनुच्छेद 11 पर पक्ष में वोटों की संख्या 201 तथा विपक्ष में शून्य वोट ही रहे। बदलती संख्या पर कांग्रेस सदस्य आनंद शर्मा ने कहा कि जब लॉबी क्लियर की जा चुकी है, ऐसा लगता है कि चार लोग और आ गए हैं। चारों तरफ हंसी-ठिठोली के बीच उप सभापति पीजे कुरियन ने कहा कि आंकड़ों में सुधार की गुंजाइश है। हालांकि जब अनुच्छेद को वोटिंग के लिए रखा गया तो पक्ष में 203 वोट थे, तब कुरियन ने खुद कहा कि संख्या ‘आरोही’ है।
कुल वोटों की संख्या में लगातार बदलाव होता रहा। एक वक्त जब पक्ष में 205 वोट थे, तब कुरियन ने कहा कि ‘यहां कुछ जादू भी है।’ इसके बाद फिर संख्या घटकर 198 पर आ गई। आखिरकार बिल पक्ष में 203 वोटों से पास हो गया। बिल पास होने के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली विपक्ष की बेंच की तरफ गए और विभिन्न दलों के नेताअों से हाथ मिलाया। जेटली ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, नेता विपक्ष गुलाम नबी आजाद और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदम्बरम से मुलाकात की। उन्होंने अन्य पार्टियों के नेताओं से भी हाथ मिलाया। बाद में, उन्होंने अपने चैम्बर में केक भी काटा।

