कांग्रेस ने शुक्रवार को सवाल किया कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ दो दिवसीय अनौपचारिक शिखर सम्मेलन के दौरान डोकलाम के मुद्दे पर चर्चा करेंगे। कांग्रेस के संचार प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने अपने श्रृंखलाबद्ध ट्वीट में मोदी सरकार पर हमला किया और चीन को कड़ा संदेश भेजने में असमर्थ रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “जैसे मोदीजी ने अपने दोस्त राष्ट्रपति शी जिनपिंग को आज चीन के वुहान में गले लगाया, क्या उसी तरह से वह भारत के सामरिक हितों की रक्षा के अपने कर्तव्य व चीन के डोकलाम में कब्जे से भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ने वाले असर को लेकर चीन से सवाल करेंगे?”
उन्होंने कहा, “डोकलाम के दक्षिण में एक नए सड़क के निर्माण से भारत सिलीगुड़ी गलियारे में चीन के आक्रामक व तेजी से बढ़ रही घुसपैठ का सामना कर रहा है, लेकिन मोदी सरकार चीन को एक सख्त संदेश देने में क्यों असमर्थ है।” सुरजेवाला ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के चीन दौरे का भी जिक्र किया और सवाल किया कि क्या मोदी यह स्वीकार करेंगे कि उन्होंने (मंत्रियों) डोकलाम मुद्दे को नहीं उठाकर अपना कर्तव्य नहीं निभाया है।
President Xi Jinping and PM @narendramodi visit the Hubei Provincial Museum. pic.twitter.com/7VNDJ3OWc7
— PMO India (@PMOIndia) April 27, 2018
सुरजेवाला ने कहा, “क्या प्रधानमंत्री अपने कैबिनेट मंत्रियों (रक्षा व विदेश मंत्री) के भारतीय सेना चौकी से 10 मीटर की दूरी पर डोकलाम में चीन द्वारा ‘पूर्ण रूप से विकसित चीनी सैन्य परिसर’ को लेकर विरोध करने में विफलता को स्वीकार करेंगे। इस 20 से 24 अप्रैल के दौरे के दौरान मंत्रियों ने राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्य को नहीं निभाया है।”
उन्होंने यह भी कहा कि हाल के चित्रों से पता चलता है कि चीन डोकलाम में अपने सैन्य परिसर में अतिरिक्त संरचनाओं का निर्माण कर रहा है। उन्होंने कहा, “क्या प्रधानमंत्री मोदी इस मुद्दे को चीन के राष्ट्रपति के साथ आज वुहान में शिखर बैठक में उठाएंगे? मोदीजी अपने वादे के अनुसार अपनी नाराजगी जताने में समर्थ नहीं हो सकते, लेकिन क्या वह डोकलाम पर सीधे तौर पर बोलने व भारत के हितों की रक्षा करने का साहस दिखाएंगे।”
मोदी व शी की शुक्रवार से दो दिवसीय अनौपचारिक वार्ता चीन के वुहान शहर में शुरू हुई है। इसके बाद दोनों नेता अपने प्रतिनिधिमंडलों के साथ एक अन्य वार्ता करेंगे। इसके बाद चीनी राष्ट्रपति रात्रिभोज की मेजबानी करेंगे।
