घरेलू उपकरण बनाने वाली वीडियोकॉन ने शिवसेना को सबसे ज्यादा चंदा दिया है। आंकड़ों के मुताबिक, 2015-16 के बीच शिवसेना को कुल 86.84 करोड़ रुपए चंदा मिला। उसमें से 85 करोड़ रुपए तो सिर्फ वीडियोकॉन ने दिए हैं। शिवसेना ने अपने चंदे की यह जानकारी भारत के चुनाव आयोग को दी है। गौरतलब है कि वीडियोकॉन को राजकुमार धूत द्वारा चलाया जा रहा है। उन्हें शिवसेना द्वारा तीन बार लगातार राज्यसभा सांसद चुना जा चुका है। इससे पिछले साल भी राजकुमार ने शिव सेना को चंदा दिया था। हालांकि, तब चंदे की रकम कुल 2.83 करोड़ रुपए थी। वीडियोकॉन ने शिवसेना के अलावा एनसीपी को भी फंड दिया है। लेकिन उसकी रकम कुल 25 लाख रुपए है। इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 139 के तहत चुनाव आयोग को चंदे की जानकारी देनी होती है। शिवसेना की तरफ से शिवसेना के सचिव और राज्य सभा सदस्य अनिल देसाई ने जानकारी दी। इस जानकारी को चुनाव आयोग की वेबसाइट पर भी देखा जा सकता है।
बीजेपी ने अबतक नहीं दी चंदे की जानकारी: चुनाव आयोग को कांग्रेस, एनसीपी समेत कई पार्टियों ने चुनावी चंदे की जानकारी दे दी है लेकिन बीजेपी ने अबतक कोई ऐलान नहीं किया है। कांग्रेस ने बताया है कि उसे 22 करोड़ रुपए का चंदा मिला। एनसीपी के मुताबिक, उसे 71.78 लाख रुपए मिले। एनसीपी को चंदा देने वालों में वीडियोकॉन के अलावा विधान परिषद के चेयरमैन रामराजे निंबालकर, पूर्व स्पीकर दिलीप वालसे पाटिल, एनसीपी कोषाध्यक्ष हेमंत तकले, पूर्व डिप्टी चेयरमैन वसंत दावखरे और उनके बेटे निरंजन, आर आर पाटिल की पत्नी और बेटे पंकज भुजबल का नाम शामिल है। चंदे में इन सबकी हिस्सेदारी 25 हजार रुपए से 75 हजार रुपए तक है।
वहीं शिवसेना को फंड देने वालों में Kumar Infra Projects, Modern Road Makers, Serenity Traders और Yasar Arafat Infrastructures का नाम शामिल है। इसके अलावा शिवसेना के विधायक अजय चौधरी, जयप्रकाश मुंठाह, नीलम गोरे, वैभव नाइक, पूर्व विधायक दगडू सकपाल, विनोद घोसालकर आदि के भी चंदा देने वाली लिस्ट में हैं।

