जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा के चौकीबल स्थित पंजगाम इलाके में गुरुवार (27 अप्रैल) तड़के हुए एक आत्मघाती आतंकी हमनले में एक कैप्टन समेत 3 सैनिक शहीद हो गए। हमले में 5 जवान घायल भी हुए हैं। जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान पोषित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकवादी भी मारे गए। एनकाउंटर की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग एकत्र होकर प्रदर्शन करने लगे। भीड़ ने सेना ने आतंकियों के शव की मांग करते हुए पत्थरबाजी शुरू कर दी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सेना ने फायरिंग शुरू की जिसमें एक 70 वर्षीय नागरिक की मौत हो गई।
इन घटनाओं का साफ असर नई दिल्ली में सत्ता के गलियारों में दिखा। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सेना, अर्द्धसैनिक बलों, खुफिया ब्यूरो, रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। जम्मू-कश्मीर को लेकर गृहमंत्री की एक बैठक पहले से प्रस्तावित थी, जिसमें वहां के विकास पैकेज की समीक्षा और घाटी के हालात पर चर्चा की जानी थी। लेकिन कुपवाड़ा हमले के बाद बैठक के एजंडा बदल दिया गया। आतंकवादी हमला ऐसे वक्त में हुआ है, जब प्रशासन अमरनाथ यात्रा की तैयारियां कर रहा है।
जिस जगह आतंकियों ने हमला किया, वहां सेना का तोपखाना शिविर है। आतंकियों ने सुबह 5.15 बजे के आसपास सेना के शिविर में घुसने की कोशिश की। शहीद होने वालों में एक कैप्टन आयुष यादव, एक जेसीओ और एक जवान शामिल हैं। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल राजेश कालिया ने बताया, ‘नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास गुरुवार तड़के लगभग 4.30 बजे पंजगाम सैन्य शिविर पर फिदायीन हमला हुआ।’ प्रवक्ता ने बताया, ‘इस हमले में तीन जवान शहीद हो गए, जिसमें एक कैप्टन और दौ गैर कमीशन अधिकारी हैं। पांच सैनिक घायल हुए, जिन्हें श्रीनगर स्थित सेना के 92 बेस अस्पताल ले जाया गया।’
कर्नल राजेश कालिया ने बताया कि चरमपंथियों ने स्वाचालित असाल्ट राइफलों और ग्रेनेडों से हमला किया। पंजगाम इलाके में हुए इस हमले में तीन आतंकवादी शामिल थे। उन सबने बेहद सुरक्षा वाले शिविर पर ताबड़तोड़ ग्रेनेड फेंके और अंधाधुंध गोलियां चलाईं। जवाबी कार्रवाई में दो आतंकवादी मारे गए, जबकि एक भागने में सफल रहा।
आतंकवादी हमले के बाद इलाके में सर्च ऑपरेशन के लिए जा रही सेना की गाड़ी पर स्थानीय लोगों ने पत्थर बरसाए। उग्र प्रदर्शनकारियों पर सेना को फायरिंग करनी पड़ी, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई है। पंजगाम में स्थानीय लोग आतंकियों के शवों की मांग कर रहे थे। इस बात को लेकर सेना और स्थानीय लोगों में झड़प हो गई। सेना के जवानों को फायरिंग करनी पड़ी, जिसमें 70 वर्ष के एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत होने की खबर है। हालांकि, सेना ने इस बात की पुष्टी नहीं की है।
